जयपुर दक्षिण पुलिस की साइबर ठगों पर सर्जिकल स्ट्राइक, 8.5 करोड़ रुपये कराए होल्ड
| गौरव कोचर
जयपुर। राजधानी में साइबर अपराधियों के मंसूबों को पस्त करने के लिए पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण राजर्षि राज के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस को अभूतपूर्व सफलता मिली है। 1 जनवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक चले इस दो माह के सघन अभियान के तहत साइबर सेल और थाना टीमों ने न केवल करोड़ों की राशि फ्रीज करवाई, बल्कि सैकड़ों लोगों के चेहरे पर मुस्कान भी लौटाई।

अभियान की मुख्य उपलब्धियां (एक नजर में)
- रिकॉर्ड निस्तारण: वर्ष 2025 की लंबित 7,483 साइबर शिकायतों में से 4,249 शिकायतों (57%) का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया।
- करोड़ों की राशि होल्ड: ऑपरेशन वज्र प्रहार 2.0 के तहत पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए साइबर अपराधियों के खातों में 8,54,66,571 रुपये (8.5 करोड़ से अधिक) की राशि होल्ड करवाई है।
- रिफंड और रिकवरी: ठगी का शिकार हुए परिवादियों के खातों में 27,56,889 रुपये की राशि वापस रिफंड करवाई गई।
- गुमशुदा मोबाइल: जनवरी और फरवरी माह में तकनीक की मदद से 30 लाख रुपये की कीमत के 121 मोबाइल फोन रिकवर कर उनके मालिकों को सौंपे गए।
देशव्यापी कार्रवाई: 300 अपराधियों पर शिकंजा
समन्वय पोर्टल के माध्यम से जयपुर दक्षिण पुलिस ने भारत के विभिन्न राज्यों में वांछित 300 साइबर अपराधियों की तलाश की। इन अपराधियों को नोटिस तामील करवाकर संबंधित थानों में वैधानिक कार्यवाही हेतु मामला भिजवाया गया है, जिससे अंतरराज्यीय साइबर गिरोहों पर लगाम लगेगी।
जनजागरूकता अभियान
तकनीकी कार्यवाही के साथ-साथ पुलिस ने बचाव पर भी जोर दिया। अभियान के दौरान 15 स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता सत्र आयोजित किए गए, जिसमें 5,000 से अधिक छात्र-छात्राओं और नागरिकों को साइबर ठगी से बचने के तरीके सिखाए गए।
रणनीति और टीम वर्क
पुलिस उपायुक्त राजर्षि राज (IPS) ने बताया कि त्योहारों के सीजन और बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देशन में यह विशेष अभियान चलाया गया। इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ललित शर्मा (RPS) द्वारा की गई।
कार्यवाही में शामिल टीम: इस सफल अभियान में समस्त सहायक पुलिस आयुक्त (दक्षिण), समस्त थानाधिकारी (दक्षिण) एवं साइबर सेल जयपुर दक्षिण की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भविष्य की योजना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शेष लंबित शिकायतों और गुम हुए मोबाइल फोनों की तलाश के लिए अनुसंधान और तकनीकी प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें ताकि राशि को समय रहते होल्ड कराया जा सके।
