“ऑपरेशन अफीम”: रायगढ़ में ड्रोन से बेनकाब हुआ करोड़ों का काला साम्राज्य, 72 घंटे में हजारों पौधे नष्ट

फ़ोटो टेलीग्राफ टाइम्स

| रिपोर्ट गणपत चौहान छत्तीसगढ़ /ब्यूरो चीफ़

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा और आधुनिक अभियान छेड़ दिया है। “ऑपरेशन अफीम” के तहत पिछले 72 घंटों में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने जिले के तीन अलग-अलग स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई में ड्रोन तकनीक का उपयोग कर सब्जी की खेती की आड़ में फल-फूल रहे करोड़ों रुपये के अवैध अफीम कारोबार का पर्दाफाश किया गया है। तमनार से लेकर लैलूंगा तक फैले इस नेटवर्क की कमर तोड़ते हुए प्रशासन ने हजारों पौधे जब्त कर मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

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​तकनीक और मुखबिर का सटीक समन्वय

​कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और एसएसपी के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान की सफलता के पीछे आधुनिक तकनीक का बड़ा हाथ रहा। दुर्गम क्षेत्रों और घने खेतों के बीच छिपी अवैध फसल को पकड़ने के लिए प्रशासन ने ड्रोन सर्वे का सहारा लिया। इसके साथ ही मुखबिरों से मिली सटीक सूचनाओं ने टीम को सीधे उन खेतों तक पहुँचाया जहाँ साग-भाजी की आड़ में अफीम उगाई जा रही थी।

​आमाघाट में 2 करोड़ की फसल बरामद

​इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी सफलता 19 मार्च को तमनार क्षेत्र के आमाघाट में मिली। यहाँ केलो परियोजना की शासकीय भूमि और कुछ निजी खसरों (462/1 से 462/5) पर बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की जा रही थी। टीम ने मौके से 60,326 अफीम के पौधे बरामद किए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में झारखंड निवासी मुख्य सरगना मार्शल सांगा को गिरफ्तार किया गया है। प्रशासन ने रोटावेटर और जेसीबी की मदद से पूरी फसल को नष्ट कर खेत को समतल कर दिया।

​लैलूंगा के नवीन घटगांव और मुड़ागांव में एक्शन

​लैलूंगा तहसील में भी ड्रोन सर्वे के दौरान अवैध खेती के सुराग मिले:

  • नवीन घटगांव: यहाँ भूमिस्वामी सादराम नाग (60 वर्ष) ने सब्जी के बीच अफीम उगा रखी थी। पुलिस ने मौके से सफेद फूल वाले पौधे जब्त कर सादराम और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया। वहीं, अभिमन्यु नागवंशी के घर से अफीम की सूखी फसल बरामद की गई, जिसे वह टीम के पहुँचते ही नष्ट करने का प्रयास कर रहा था।
  • मुड़ागांव: पूछताछ के आधार पर तानसिंह नागवंशी के यहाँ भी संदिग्ध खेती की पुष्टि हुई। उसके घर से पौधों के सूखे अवशेष और डंठल जब्त किए गए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच (FSL) के लिए भेजा गया है।

​पूरे जिले में हाई-टेक निगरानी जारी

​कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के अनुसार, यह अभियान थमेगा नहीं। जिले के सभी अनुविभागों में सघन ड्रोन सर्वे कराया जा रहा है। अब तक की स्थिति इस प्रकार है:

  • सर्वे का दायरा: खरसिया (14 गांव), पुसौर (13 गांव), तमनार (12 गांव), रायगढ़ (11 गांव), घरघोड़ा (10 गांव), धरमजयगढ़ (7 गांव), लैलूंगा (4 गांव) और मुकडेगा (3 गांव)।

ऑपरेशन अफीम: एक नजर में (72 घंटे का रिपोर्ट कार्ड)

विवरण

आंकड़े/जानकारी

कुल बरामदगी

60,326 से अधिक अफीम के पौधे

अनुमानित कीमत

लगभग 2 करोड़ रुपये

मुख्य आरोपी

मार्शल सांगा (झारखंड) सहित अन्य स्थानीय निवासी

तकनीक

ड्रोन सर्वे + फिजिकल वेरिफिकेशन

शामिल विभाग

पुलिस, राजस्व प्रशासन, कृषि, आबकारी एवं FSL

प्रमुख क्षेत्र

आमाघाट (तमनार), नवीन घटगांव व मुड़ागांव (लैलूंगा)

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