दवा व्यापारियों के आह्वान पर एकजुट हुआ छत्तीसगढ़ का व्यापारी समाज, CAIT कार्यालय में रणनीति बैठक संपन्न।
- ई-कॉमर्स कंपनियों की अनियंत्रित डिस्काउंट संस्कृति और असमान प्रतिस्पर्धा से पारंपरिक व्यापार पर गहराया संकट।
- ‘कैट’ के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन अमर पारवानी बोले- “यह केवल दवा व्यापार की नहीं, देश के समस्त छोटे व्यापारियों के अस्तित्व की लड़ाई।”
- पारंपरिक व्यापार के संरक्षण के लिए “वोकल फॉर लोकल” और “सशक्त स्वदेशी” अभियान को और तेज करने का संकल्प।
रायपुर।
देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन ‘कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स’ (CAIT) ने छत्तीसगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन द्वारा आगामी 20 मई को प्रस्तावित प्रदेशव्यापी मेडिकल व्यापार बंद को अपना पूर्ण और नैतिक समर्थन देने का ऐलान किया है। ऑनलाइन व्यापार के बढ़ते एकाधिकार, ई-कॉमर्स कंपनियों की भारी डिस्काउंट संस्कृति और इससे पारंपरिक खुदरा बाजार पर पड़ रहे विनाशकारी प्रभावों को लेकर रविवार को राजधानी रायपुर के पंडरी स्थित ‘कैट’ प्रदेश कार्यालय में राज्य के विभिन्न व्यापारिक संगठनों की एक आपात व रणनीतिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से दवा व्यापारियों के आंदोलन का समर्थन करने का निर्णय लिया गया।
यह केवल दवा व्यापार नहीं, छोटे व्यापारियों के अस्तित्व की लड़ाई: अमर पारवानी
बैठक को संबोधित करते हुए कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन और भारत सरकार के राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य श्री अमर पारवानी ने कहा कि ऑनलाइन कंपनियों की मनमानी से आज देश का पूरा पारंपरिक व्यापार, छोटे व्यापारी और स्थानीय बाजार व्यवस्था गंभीर संकट में हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “20 मई को होने वाला यह बंद केवल दवा व्यापार तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह देश की रीढ़ माने जाने वाले छोटे और मध्यम श्रेणी के पारंपरिक व्यापारियों के संरक्षण की लड़ाई है। पूरा व्यापारी समाज इस असमान व्यवस्था के खिलाफ एकजुट है।”
इस दौरान कैट छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमैन जितेन्द्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन और महामंत्री अवनीत सिंह समेत वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी संयुक्त रूप से व्यापारियों की इस मजबूत एकजुटता को समय की मांग बताया।
भारी डिस्काउंट और असमान प्रतिस्पर्धा से ढह रहा है स्थानीय बाजार
छत्तीसगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री विनय कृपलानी ने बैठक में ऑनलाइन दवा व्यापार (E-Pharmacies) से उत्पन्न हो रही व्यावहारिक और आर्थिक चुनौतियों को रेखांकित किया। बैठक में शामिल विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बहुराष्ट्रीय और बड़ी ऑनलाइन कंपनियां लगातार अनियंत्रित छूट और भारी डिस्काउंट देकर बाजार की समान प्रतिस्पर्धात्मक व्यवस्था को बिगाड़ रही हैं। इस असमान व्यापारिक नीति के कारण स्थानीय दुकानदारों का व्यापार ठप हो रहा है और इससे जुड़े लाखों लोगों के रोजगार पर तलवार लटक गई है।
पारदर्शी नीति और समान अवसर की मांग, ‘स्वदेशी’ पर रहेगा जोर
व्यापारी प्रतिनिधियों ने एक सुर में सरकार से मांग की है कि यदि समय रहते ई-कॉमर्स और ऑनलाइन कंपनियों के लिए एक पारदर्शी नीति तथा समान व्यापारिक व्यवस्था (Level Playing Field) लागू नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में देश का पारंपरिक ढांचा पूरी तरह चरमरा जाएगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में केवल आंदोलन ही नहीं, बल्कि भविष्य में स्थानीय व्यापार को सशक्त बनाने के लिए “वोकल फॉर लोकल” और “सशक्त स्वदेशी” जैसे अभियानों को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी ढंग से चलाने पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही, भविष्य में किसी भी व्यापारिक संकट का सामना करने के लिए सभी संगठनों के बीच एक मजबूत अंतर्विभागीय समन्वय तंत्र बनाने पर सहमति बनी।
बैठक में ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित
इस रणनीतिक बैठक में मुख्य रूप से कैट के वाइस चेयरमैन सुरिन्दर सिंह, जीवत बजाज, कोषाध्यक्ष विजय पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र जग्गी, वासु माखीजा, राम मंधान, भरत जैन, राकेश ओचवानी एवं शंकर बजाज सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों व विधाओं से आए व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी और सैकड़ों प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने एक सुर में 20 मई के मेडिकल बंद को सफल बनाने और व्यापारी एकजुटता की नई इबारत लिखने का संकल्प लिया।