जयपुर, 23 जुलाई 2026/गौरव कोचर— बौद्धिक संपदा अधिकारों के संरक्षण और नकली ब्रांडेड उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जामडोली पुलिस थाना (जयपुर पूर्व) ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने विजयपुरा रोड स्थित एक गोदाम पर दबिश देकर प्रसिद्ध कंपनी ‘बाटा’ (BATA) के नाम से बेचे जा रहे 659 जोड़ी नकली फुटवियर जब्त किए हैं। यह सामान फ्लिपकार्ट (Flipkart) जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बेचा जा रहा था।
शिकायत पर तुरंत हुई कार्रवाई
मामले की शुरुआत 21 जुलाई 2026 को हुई, जब ‘बाटा इंडिया लिमिटेड’ (कोलकाता) के अधिकृत अधिकारी ललित कुमार ने थाना जामडोली में एक लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया गया कि विजयपुरा रोड क्षेत्र में बाटा कंपनी के नाम से नकली जूते-चप्पल बेचे जा रहे हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए जयपुर पूर्व की पुलिस उपायुक्त रंजिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पारस जैन के मार्गदर्शन और सहायक पुलिस आयुक्त (आदर्श नगर) सुरेन्द्र सिंह बांगडवा के सुपरविजन में थानाधिकारी रतन सिंह कविया के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
- विशेष पुलिस टीम: रतन सिंह कविया (थानाधिकारी), राजेश कुमार (हेड कांस्टेबल 1089), पवन कुमार (कांस्टेबल 4920), सूरज (कांस्टेबल 2682), राकेश (कांस्टेबल 2829) और सोनू (कांस्टेबल 12632)।
गोदाम में ‘जीनल एंटरप्राइजेज’ के नाम से चल रहा था खेल
गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अहिंसा कॉलोनी, विजयपुरा रोड स्थित मकान नंबर सी-18 पर बने किराये के गोदाम पर छापा मारा। यहाँ ‘जीनल एंटरप्राइजेज’ नाम से फर्म संचालित की जा रही थी। मौके से बाटा कंपनी के भारी मात्रा में नकली फुटवियर बरामद हुए।
पुलिस द्वारा बिल और वाउचर मांगे जाने पर गोदाम संचालक कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने 659 जोड़ी नकली फुटवियर जब्त कर लिए।
आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज
मामले में आरोपी मुकेश कुमार शर्मा (उम्र 35 वर्ष, पुत्र सीताराम शर्मा, निवासी दनाऊ खुर्द, थाना तुंगा, जयपुर) को धारा 35 (3) बीएनएसएस (BNSS) के तहत नोटिस दिया गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) तथा कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की धारा 63 व 65 के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस प्रशासन की जनहित में अपील
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने आमजन और व्यापारियों से अपील की है कि वे कॉपीराइट कानूनों का पूरी तरह पालन करें। किसी भी ब्रांड के नकली या कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाले सामान का निर्माण, बिक्री या वितरण करना एक गंभीर दंडनीय अपराध है। ऐसा करते पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।