ऑनलाइन गेमिंग पर सरकार का ‘हंटर’: 1 मई से बदल जाएंगे नियम, सट्टेबाजी वाले ऐप्स की अब खैर नहीं

लोकेंद्र सिंह शेखावत 

जयपुर। भारत सरकार ने देश के डिजिटल इकोसिस्टम को सुरक्षित बनाने और युवाओं को सट्टेबाजी की लत से बचाने के लिए ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव किया है। आगामी 1 मई 2026 से नए ऑनलाइन गेमिंग नियम (PROG Rules) पूरे देश में लागू होने जा रहे हैं। इन नियमों के आने के बाद ‘रियल मनी गेमिंग’ यानी पैसों की बाजी लगाने वाले ऐप्स पर पूरी तरह से शिकंजा कस जाएगा।

1. ‘मनी गेम्स’ पर लगाम, ई-स्पोर्ट्स को सम्मान

​सरकार के नए नियमों का सबसे बड़ा प्रहार उन ऐप्स पर है जो गेमिंग के नाम पर जुआ या सट्टेबाजी को बढ़ावा देते हैं। 1 मई के बाद किसी भी ऐसे ऐप को अनुमति नहीं दी जाएगी जहाँ पैसों का सीधा लेन-देन ‘जीत-हार’ के आधार पर होता हो। वहीं दूसरी ओर, सरकार ने स्किल-बेस्ड e-Sports और वीडियो गेम्स को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल सर्टिफिकेट देने की घोषणा की है, जिसकी वैधता 10 वर्ष होगी।

2. विदेशी फंडिंग और संदिग्ध ऐप्स पर सर्जिकल स्ट्राइक

​देश की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, सरकार ने चीन, पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों से संचालित होने वाले या वहां से फंडिंग प्राप्त करने वाले गेमिंग ऐप्स के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। अब इन देशों से जुड़े किसी भी गेमिंग प्लेटफॉर्म को भारत में संचालित होने के लिए विशेष अनुमति और कड़े सुरक्षा मानकों से गुजरना होगा।

3. ‘ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी’ करेगी निगरानी

​नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए केंद्र सरकार ‘ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ का गठन कर रही है। यह अथॉरिटी ही यह तय करेगी कि कौन सा गेम मनोरंजन की श्रेणी में आता है और कौन सा ‘मनी गेम’ की श्रेणी में। किसी भी नए गेम के वर्गीकरण के लिए 90 दिनों की समय सीमा तय की गई है।

4. यूजर सुरक्षा: समय और उम्र की होगी पाबंदी

​नए नियमों के तहत गेमिंग कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर निम्नलिखित सुरक्षा फीचर अनिवार्य रूप से जोड़ने होंगे:

  • उम्र का सत्यापन: बच्चों को हिंसक या एडल्ट कंटेंट वाले गेम्स से दूर रखने के लिए सख्त ‘Age Gating’ सिस्टम।
  • समय सीमा: गेमिंग की लत (Addiction) को रोकने के लिए एक निश्चित समय के बाद ‘ब्रेक रिमाइंडर’ या गेम लॉक होने की सुविधा।
  • लोकल डेटा स्टोरेज: सभी कंपनियों को भारतीय यूजर्स का डेटा भारत में ही स्थित सर्वरों पर स्टोर करना होगा।

5. पेमेंट गेटवे पर रहेगी पैनी नजर

​1 मई के बाद यदि कोई गेम ‘मनी गेम’ की श्रेणी में पाया जाता है, तो बैंक और डिजिटल वॉलेट (जैसे UPI) उन ऐप्स के लिए भुगतान प्रोसेस नहीं कर सकेंगे। इससे अवैध सट्टेबाजी वाले ऐप्स के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी।

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