गौरव कोचर
भिवाड़ी / जयपुर, 16 मई 2026
राजस्थान के औद्योगिक परिदृश्य में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। प्रदेश के भिवाड़ी (खुशखेड़ा) स्थित सलारपुर में देश के पहले एसएमई (SME)-नेतृत्व वाले सेमीकंडक्टर प्लांट और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC) का भव्य उद्घाटन किया गया। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल माध्यम से इस ऐतिहासिक परियोजना का शुभारंभ किया।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
वैश्विक सेमीकंडक्टर मानचित्र पर चमकेगा राजस्थान
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जनसभा को संबोधित करते हुए 15 मई को राजस्थान के लिए एक ‘ऐतिहासिक दिन’ करार दिया। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक (Geopolitical) और रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर उद्योग में राजस्थान ने सफलतापूर्वक कदम रख दिया है।
अश्विनी वैष्णव ने देश की प्रगति के आंकड़े साझा करते हुए बताया:
- विनिर्माण में छलांग: पिछले 12 वर्षों में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण उत्पादन 6 गुना बढ़कर लगभग 13 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
- निर्यात में रिकॉर्ड: इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़कर करीब 4.24 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जिसमें मोबाइल फोन अब भारत की शीर्ष निर्यात वस्तु बन चुके हैं।
उन्होंने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी नीतियों को दिया, जिन्होंने ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर को ‘फोकस सेक्टर’ के रूप में प्राथमिकता दी है।
मार्च 2026 में जारी हुई थी ‘राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति’
कार्यक्रम के दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में निवेश और तकनीक को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने मार्च 2026 में ‘राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति’ जारी की थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दिल्ली-एनसीआर के नजदीकी क्षेत्रों (जैसे भिवाड़ी) को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
वहीं, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने क्षेत्र के बदलाव पर बात करते हुए कहा कि पहले भिवाड़ी को मुख्य रूप से एक ऑटोमोबाइल हब के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब यह सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।
₹46 करोड़ की लागत से बना ‘ईएलसीआईएनए इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर’
भिवाड़ी के सलारपुर में विकसित इस विशेष क्लस्टर (EMC) को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं:
- क्षेत्रफल और लागत: इसे कुल 50.3 एकड़ जमीन पर 46.09 करोड़ रुपये की परियोजना लागत से तैयार किया गया है। इसमें भारत सरकार ने ईएमसी योजना के तहत 20.24 करोड़ रुपये की प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता दी है।
- विकासकर्ता: इस क्लस्टर का निर्माण मैसर्स ईएलसीआईएनए (ELCINA) इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर प्राइवेट लिमिटेड (SPV) द्वारा किया गया है, जो एमएसएमई उद्योगपतियों की एक संयुक्त पहल है।
- विश्वस्तरीय सुविधाएं: इस परिसर में निर्बाध बिजली-पानी की आपूर्ति, आधुनिक आंतरिक सड़कें, एकीकृत प्रशासनिक ब्लॉक, परीक्षण व प्रशिक्षण केंद्र और स्मार्ट क्लासरूम व लैब से लैस एक विशेष कौशल विकास केंद्र बनाया गया है।
₹1,200 करोड़ से अधिक का निवेश और हजारों को रोजगार
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के नजदीक होने और सड़क, रेल व हवाई कनेक्टिविटी से बेहतर तरीके से जुड़े होने के कारण यह क्लस्टर निवेश का बड़ा केंद्र बन चुका है:
- आकर्षित निवेश: ईएमसी ने अब तक 20 कंपनियों से 1,200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए हैं। ये कंपनियां सेमीकंडक्टर पैकेजिंग, इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों, एयर कंडीशनर, आरएफआईडी (RFID) प्रौद्योगिकी, ईवी (EV) कंपोनेंट्स और इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स पर काम कर रही हैं।
- वर्तमान स्थिति: वर्तमान में इस क्लस्टर में 11 कंपनियां पूरी तरह क्रियाशील हैं, जिनमें 900 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश जमीन पर उतर चुका है। इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर 2,700 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।