एस के आई टी में छात्राओं के लिए पाँच दिवसीय ‘वेलनेस कार्यशाला’ का शानदार आगाज़
| योगेश शर्मा
जयपुर। जगतपुरा स्थित स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड ग्रामोत्थान (SKIT) के महिला प्रकोष्ठ द्वारा छात्राओं के सर्वांगीण स्वास्थ्य और कल्याण को समर्पित एक विशेष पाँच दिवसीय वेलनेस कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। 14 फरवरी तक चलने वाली इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवा छात्राओं को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है।
प्रथम सत्र: स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेषज्ञों की राय
कार्यशाला के पहले दिन की शुरुआत प्रसिद्ध वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कविता गोयल के संबोधन से हुई। मुख्य वक्ता के रूप में उन्होंने ‘स्वास्थ्य एवं स्वच्छता’ विषय पर एक अत्यंत व्यावहारिक और सारगर्भित व्याख्यान दिया।
डॉ. गोयल ने अपने व्याख्यान में विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
- किशोरावस्था की चुनौतियाँ: इस आयु वर्ग में होने वाले शारीरिक और हार्मोनल बदलावों की विस्तृत जानकारी।
- मासिक धर्म स्वच्छता: स्वच्छता बनाए रखने के वैज्ञानिक तरीके और इससे जुड़ी भ्रांतियों का निवारण।
- संतुलित आहार: स्वस्थ जीवनशैली के लिए पोषक तत्वों और संतुलित खान-पान का महत्व।
- वैज्ञानिक समाधान: महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े सामाजिक भ्रमों को तार्किक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से स्पष्ट किया।
सत्र की मुख्य विशेषताएँ
कार्यशाला का स्वरूप पूरी तरह से संवादात्मक रहा। छात्राओं ने न केवल व्याख्यान को ध्यान से सुना, बल्कि प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान अपनी व्यक्तिगत और सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जिज्ञासाओं को साझा किया। डॉ. गोयल के व्यावहारिक सुझावों ने छात्राओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग और आत्मविश्वास से भरपूर रहने की प्रेरणा दी।
आगामी गतिविधियाँ और प्रबंधन
कार्यशाला के बाकी दिनों को भी बेहद योजनाबद्ध तरीके से तैयार किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
- तनाव प्रबंधन: शैक्षणिक और व्यक्तिगत जीवन के तनाव को कम करने के उपाय।
- आत्म-देखभाल (Self-care): मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए विशेष गतिविधियाँ।
- विशेषज्ञ सत्र: विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता पर चर्चा।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का सफल संयोजन महिला प्रकोष्ठ की समन्वयक डॉ. शारदा सोनी, डॉ. निधि शर्मा, डॉ. ऋचा रावल, डॉ. अदिति विभूति एवं डॉ. मोनिका खुराना द्वारा किया गया। प्रथम दिन के सत्र का समापन डॉ. निधि शर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने छात्राओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।

