प्रीति बालानी /शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें राष्ट्राध्यक्ष शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को बिश्केक स्थित महात्मा गांधी के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। बापू के आदर्शों का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गांधी जी के विचारों का प्रभाव हमारे मन और चिंतन पर सदैव अद्वितीय रहेगा।
प्रवासी समुदाय व योग प्रेमियों से संवाद
गांधी स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्धजनों और भारतीय प्रवासी समुदाय के प्रतिनिधियों से भेंट की।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा:
“बिश्केक में ऐसे लोगों के समूह से मुलाकात हुई जिनका भारत से गहरा जुड़ाव है। इनमें प्रवासी समुदाय के प्रमुख सदस्य, पर्यावरण प्रेमी, योग साधक, शिक्षाविद, ITEC के पूर्व छात्र और शोधकर्ता शामिल हैं। भारत के प्रति उनकी निरंतर रुचि और आत्मीयता देखकर अत्यंत प्रसन्नता हुई। विशेष रूप से यह जानकर गर्व हुआ कि यहां के एक योग साधक ने अहमदाबाद में आयोजित वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप में भाग लेकर पदक जीता है।”
बिश्केक में हुआ पारंपरिक और भव्य स्वागत
प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर झापारोव के विशेष निमंत्रण पर रविवार को बिश्केक पहुंचे। हवाई अड्डे पर किर्गिज़ गणराज्य के मंत्रिमंडल के अध्यक्ष आदिलबेक कासिमालिएव ने उनकी अगवानी की, जहां उनके सम्मान में पारंपरिक किर्गिज़ नृत्य प्रस्तुत किया गया।
होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय के लोगों ने ‘वंदे मातरम्’ के नारों और उत्साह के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी ने देशभक्ति गीत ‘मां तुझे सलाम’ पर आधारित विशेष योग प्रदर्शन और भगवान शिव को समर्पित सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति भी देखी।
एससीओ की 25वीं वर्षगांठ और भारत की प्राथमिकताएं
दस सदस्यीय एससीओ समूह इस वर्ष अपनी स्थापना की 25वीं वर्षगांठ मना रहा है। 31 अगस्त और 1 सितंबर को आयोजित हो रहे इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में भाग लेने के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी सदस्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं भी करेंगे।
- संगठन का विस्तार: वर्ष 2001 में चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान द्वारा स्थापित इस संगठन में भारत और पाकिस्तान 2017 में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल हुए। बाद में ईरान (2023) और बेलारूस (2024) इसके सदस्य बने।
- भारत का विजन: यात्रा पर रवाना होने से पूर्व जारी अपने वक्तव्य में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया था कि भारत इस क्षेत्र में “सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर” (Security, Connectivity, and Opportunity) पर आधारित दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ से मुक्त एक स्थिर व समृद्ध क्षेत्र के निर्माण के लिए सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने का आह्वान भी किया।
उज्बेकिस्तान यात्रा का सफल समापन
किर्गिस्तान पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा पर थे। उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया और वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को 5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया।