चीन के हुबेई पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी के प्रो. नागेंद्र प्रसाद यादव ने दिए बायोमेडिकल और 6जी एप्लीकेशन्स पर महत्वपूर्ण टिप्स
रिपोर्ट योगेश शर्मा | जयपुर
जयपुर (विशेष संवाददाता)। स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड ग्रामोथान (एसकेआईटी), जयपुर के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) एएमआरएफ (AMRF), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी (ECE) विभाग, IEEE MTT-S स्टूडेंट चैप्टर तथा IETE स्टूडेंट फोरम के संयुक्त तत्वावधान में संस्थान के जे.सी. बोस ऑडिटोरियम में एक विशेष विशेषज्ञ व्याख्यान (Expert Lecture) का सफल आयोजन किया गया।
इस विशेष व्याख्यान का मुख्य विषय “डीप लर्निंग एआई बेस्ड हाइब्रिड मेटा वेवगाइड डिवाइसेज फॉर टीएचजेड (THz) इमेजिंग फॉर बायोमेडिकल एंड 6G एप्लीकेशन्स” रहा।
दिग्गज शिक्षाविदों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के शिक्षाविदों ने भाग लिया:
- मुख्य अतिथि: प्रो. नागेंद्र प्रसाद यादव (प्रोफेसर, हुबेई पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी, हुआंगशी, वुहान, चीन)
- विशिष्ट अतिथि: डॉ. एम.एम. शर्मा (प्रोफेसर, मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान – MNIT, जयपुर)
कार्यक्रम की शुरुआत ईसीई (ECE) विभागाध्यक्ष प्रो. पी.के. जैन के स्वागत उद्बोधन से हुई, जिन्होंने आगत अतिथियों का अभिनंदन किया और इस व्याख्यान के तकनीकी महत्व को रेखांकित किया।
6G और बायोमेडिकल क्षेत्र में AI व टेराहर्ट्ज़ तकनीक का महत्व
अपने मुख्य व्याख्यान के दौरान प्रो. नागेंद्र प्रसाद यादव ने आधुनिक संचार और मेडिकल साइंस में आ रहे क्रांतिकारी बदलावों पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि टेराहर्ट्ज़ (THz) इमेजिंग और डीप लर्निंग (AI) आधारित तकनीकें भविष्य की बायोमेडिकल इमेजिंग और 6G वायरलेस संचार प्रणालियों का आधार बनेंगी।
उन्होंने निम्नलिखित जटिल तकनीकी विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला:
- मॉड्यूलेशन कंट्रोल सिस्टम एवं बीम स्प्लिटर
- रेजिन लेंस एवं टीएचजेड सोर्स
- इफेक्टिव फीचर एक्स्ट्राक्शन एवं क्लासिफिकेशन लेयर
- डीप लर्निंग मॉडल फ्रेमवर्क (based on THz PIMI)
- डेन्स ब्लॉक और ट्रांजिशन लेयर
प्रो. यादव ने टीएचजेड फ्रिक्वेंसीज पर वेवगाइड ट्राइ-मेटल लैमिनेटेड (Ag–Au–Al) की संरचना, उसकी उन्नत यांत्रिक मजबूती (Mechanical Strength) और टीएचजेड इमेजिंग पोलराइजिंग सिस्टम के सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाया। इसके साथ ही मेटा वेवगाइड के क्रॉस-सेक्शनल और Y-सेक्शनल इलेक्ट्रिक फील्ड के विश्लेषण के जरिए आधुनिक वेवगाइड डिजाइनिंग और उसके व्यावहारिक प्रयोगों की जानकारी साझा की।
विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए संवाद सत्र
व्याख्यान के उपरांत एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तरी सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें विद्यार्थियों और शोधार्थियों (Researchers) ने टेराहर्ट्ज़ टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वेवगाइड डिज़ाइन से जुड़े सवाल पूछे। प्रो. यादव ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का सहजता से समाधान किया।
सफल संयोजन एवं धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम को सफल बनाने में तरुणा चौधरी, याशिका शर्मा, तेजल तेजवानी और तनिषा पालीवाल की समन्वयक टीम का विशेष योगदान रहा।
समारोह के अंत में ईसीई विभाग की उप-विभागाध्यक्ष (Deputy Head) प्रो. मोनिका माथुर ने सभी मुख्य अतिथियों, वक्ताओं, आयोजकों एवं उपस्थित विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। यह आयोजन इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के लिए तकनीकी नवाचारों को समझने की दिशा में बेहद उपयोगी और प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।