एसकेआईटी में 5 दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ
व्यक्तिगत वित्त की समझ और निवेश की रणनीतियों पर केंद्रित सत्रों की श्रृंखला
Edited By: लोकेंद्र सिंह शेखावत
टेलीग्राफ टाइम्स
मई 19, 2025
जयपुर।
स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड ग्रामोथान (एसकेआईटी), जयपुर के प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) “डिमिस्टिफाइंग पर्सनल फाइनेंस: हाउ टू थिंक एंड इनवेस्ट लाइक अ प्रो” का 19 मई को विधिवत शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम 23 मई तक चलेगा, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन, निवेश रणनीतियों और वित्तीय निर्णय लेने की क्षमता से परिचित कराना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रबंधन अध्ययन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. ओना लडीवाल ने स्वागत भाषण के साथ किया। उन्होंने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए वित्तीय साक्षरता को आज के समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक स्वयं वित्तीय रूप से जागरूक होंगे, तभी वे अपने छात्रों और समाज को भी इस दिशा में प्रेरित कर सकेंगे।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. अजय वर्मा ने एफडीपी की रूपरेखा, मुख्य उद्देश्य और इसके संभावित लाभों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम समन्वयकों डॉ. अतुल गुप्ता एवं तरुण शर्मा ने आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया।
एफडीपी के प्रथम दिन का सत्र “डिकोडिंग द फंडामेंटल्स ऑफ पर्सनल फाइनेंस” विषय पर केंद्रित रहा। इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. सुरेन्द्र सिंह राजपुरोहित, जॉइंट-डीन, ऑफिस फॉर इंटरनेशनल अफेयर्स, स्कूल ऑफ बिजनेस, मोदी यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, लक्ष्मणगढ़ ने प्रतिभागियों को व्यक्तिगत वित्त की मूलभूत अवधारणाएं, बजट निर्माण, बचत योजनाएं और स्मार्ट निवेश के विविध पहलुओं की जानकारी दी।
सत्र अत्यंत संवादात्मक, ज्ञानवर्धक और व्यावहारिक रहा, जिसमें देशभर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने सत्र की प्रस्तुति को प्रेरणादायक, सरल और प्रासंगिक बताया।
इस पांच दिवसीय कार्यक्रम के आगामी सत्रों में म्यूचुअल फंड्स की कार्यप्रणाली, शेयर बाजार की समझ, टैक्स योजना, रिटायरमेंट प्लानिंग और वित्तीय स्वतंत्रता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की जाएगी। एफडीपी का समापन 23 मई को समापन सत्र के साथ होगा, जिसमें प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

