एसकेआईटी में वैश्विक शोध और नवाचारों की गूंज: अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘ICANCT-2026’ का भव्य समापन
जयपुर, 19 मार्च 2026
| योगेश शर्मा
स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड ग्रामोथान (SKIT), जयपुर में आयोजित दो दिवसीय छठी अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस “एडवांसमेंट इन नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजीज” (ICANCT-2026) का प्रभावशाली समापन हुआ। इस सम्मेलन ने देश-विदेश के शोधार्थियों, शिक्षाविदों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए नवाचार और अनुसंधान का एक सशक्त वैश्विक मंच तैयार किया।
चिप-स्तरीय ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक तकनीक पर विशेष व्याख्यान
कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन की शुरुआत आईआईटी इंदौर के प्रोफेसर डॉ. मुकेश कुमार के मुख्य व्याख्यान से हुई। उन्होंने ‘चिप-स्तरीय ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक उपकरण’ विषय पर गहन प्रकाश डाला। डॉ. कुमार ने आधुनिक ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज, उनके चिप-स्तरीय एकीकरण, उच्च गति डेटा ट्रांसमिशन की चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी साझा की। उनके व्याख्यान ने उपस्थित प्रतिभागियों को नैनो-इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान की।
पोस्टर प्रेजेंटेशन: 35 टीमों ने दिखाए अभिनव प्रोजेक्ट्स
सम्मेलन के दौरान आयोजित पोस्टर प्रेजेंटेशन सत्र आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें 35 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। युवा शोधार्थियों ने निम्नलिखित अत्याधुनिक विषयों पर अपने शोध पत्र और प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए:
- नैनो-इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत संचार तकनीक।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकी समाधान।
- भविष्य की संचार प्रणालियों से जुड़े अभिनव मॉडल।
विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा मूल्यांकन
प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का सूक्ष्म और निष्पक्ष मूल्यांकन करने के लिए एक उच्च स्तरीय निर्णायक मंडल मौजूद रहा। इसमें डॉ. मुकेश कुमार (आईआईटी इंदौर), डॉ. सत्य साई जगन्नाथ नंदन (एसोसिएट प्रोफेसर, एमएनआईटी जयपुर), डॉ. एस. एल. सुराना (डायरेक्टर अकादमिक, एसकेआईटी) और डॉ. आर. के. जैन (डीन, एसकेआईटी) सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष शामिल थे।
सम्मान और समापन सत्र
कार्यक्रम का समापन ‘वैलिडिक्टरी सत्र’ के साथ हुआ, जहाँ उत्कृष्ट शोध कार्यों को सराहा गया और विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजन शोध, नवाचार और वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए मील का पत्थर साबित होते हैं।
इस पूरी कॉन्फ्रेंस का समन्वय डॉ. जयप्रकाश विजय एवं डॉ. नीरज जैन ने किया, जबकि मंच का कुशल संचालन डॉ. हर्षल निगम एवं ग्लोरिया जोसेफ द्वारा किया गया। ICANCT-2026 ने न केवल तकनीकी नवाचारों को एक मंच दिया, बल्कि युवा शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर भी प्रदान किया।
