एसकेआईटी में ‘वेलनेस एवं होलिस्टिक डेवलपमेंट’ पर पाँच दिवसीय कार्यशाला का आगाज

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने पर विशेषज्ञों ने दिया जोर

| योगेश शर्मा

जयपुर। जगतपुरा स्थित स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एवं ग्रामोथान (एसकेआईटी) में सोमवार को मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ‘वेलनेस एवं होलिस्टिक डेवलपमेंट’ (कल्याण और समग्र विकास) विषय पर पाँच दिवसीय छात्र कार्यशाला का भव्य शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग और यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज़ एवं एथिक्स समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है।

मूल्य-आधारित जीवन दृष्टिकोण पर केंद्रित आयोजन

​इस पाँच दिवसीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों के भीतर मूल्य-आधारित जीवन दृष्टिकोण विकसित करना और उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम की शुरुआत में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष प्रो. धीरज जोशी और डॉ. अचिन श्रीवास्तव ने मुख्य वक्ताओं और प्रतिभागियों का औपचारिक स्वागत किया।

सक्षम पेशेवर बनने के लिए नैतिक आचरण अनिवार्य: डॉ. रोहित जैन

​कार्यशाला के प्रथम सत्र में राजस्थान विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. रोहित कुमार जैन ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक सत्र के दौरान डॉ. जैन ने कहा, “केवल अकादमिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानवीय मूल्य, नैतिक आचरण और भावनात्मक संतुलन एक जिम्मेदार नागरिक और सक्षम पेशेवर बनने के लिए अनिवार्य हैं।”

​उन्होंने छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य, आत्म-जागरूकता और मूल्य-आधारित निर्णय प्रक्रिया के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में वेलनेस (कल्याण) का अर्थ केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक रूप से संतुलित होना भी है।

समन्वय और सहभागिता

​कार्यक्रम का कुशल समन्वयन मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. चंदन कुमार एवं डॉ. अमित झालानी द्वारा किया जा रहा है। प्रथम दिन के सत्र के समापन पर डॉ. चंदन कुमार ने मुख्य वक्ता, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया।

भविष्य की रूपरेखा

​कार्यशाला के प्रथम सत्र की सफलता ने आगामी चार दिनों के लिए एक सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण तैयार कर दिया है। आने वाले सत्रों में विद्यार्थियों को विशेषज्ञों के माध्यम से तनाव प्रबंधन, समय नियोजन और परिवर्तनकारी सीख के विभिन्न आयामों से रूबरू कराया जाएगा। इस आयोजन से संस्थान के विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल है और वे इसे अपने व्यक्तिगत व व्यावसायिक जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी मान रहे हैं।

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