योगेश शर्मा
जयपुर। जगतपुरा स्थित स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड ग्रामोठान (SKIT) में महिला प्रकोष्ठ की ओर से महिला कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। ‘महिलाओं द्वारा वित्तीय प्रबंधन की समझ’ विषय पर केंद्रित इस सत्र का मुख्य उद्देश्य महिला शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों को आर्थिक रूप से साक्षर और आत्मनिर्भर बनाना था।
वित्तीय स्वतंत्रता की दिशा में सार्थक पहल
आज के दौर में आर्थिक जागरूकता केवल पुरुषों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, इसी उद्देश्य के साथ आयोजित इस सत्र में संस्थान की लगभग 60 महिला संकाय सदस्यों और कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को अपनी मेहनत की कमाई को सही जगह निवेश करने और सुरक्षित भविष्य के लिए वित्तीय योजना बनाने के गुर सिखाए गए।
विशेषज्ञ ने दिए निवेश और सुरक्षा के मंत्र
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मुंबई की ‘एडवाइजर्स स्किल डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन’ से आए वित्तीय विशेषज्ञ गौरव वात्स्यायन उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को सरल भाषा में जटिल वित्तीय पहलुओं को समझाया। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
- निवेश के विकल्प: बचत और खर्च के बीच संतुलन बनाते हुए म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) और सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के लाभ।
- सुरक्षा चक्र: भविष्य की अनिश्चितताओं के लिए बीमा (Insurance) की अनिवार्यता।
- साइबर जागरूकता: डिजिटल लेनदेन के इस दौर में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी (Cyber Fraud) से बचाव के व्यावहारिक तरीके।
- आत्मनिर्भरता: महिलाओं को स्वयं के आर्थिक निर्णय लेने और योजनाबद्ध निवेश की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
संवादात्मक रहा सत्र
कार्यशाला केवल व्याख्यान तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें संवादात्मक (Interactive) माहौल देखने को मिला। महिला प्रतिभागियों ने व्यक्तिगत आर्थिक योजना, टैक्स सेविंग और निवेश के जोखिमों से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ ने व्यावहारिक समाधान पेश किया।
सहभागियों ने सराहा
महिला प्रकोष्ठ की इस पहल को सभी प्रतिभागियों ने अत्यंत उपयोगी बताया। समापन पर आयोजकों ने मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल ज्ञान बढ़ाते हैं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित होते हैं।