एसकेआईटी में धूमधाम से मनाया गया राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2025
डीआरडीओ और विज्ञान भारती के विशेषज्ञों ने छात्रों को दी प्रेरणा, भारत की अंतरिक्ष एवं रक्षा उपलब्धियों पर हुई चर्चा
जयपुर। लोकेंद सिंह शेखावत।टेलीग्राफ टाइम्स
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2025 का आयोजन शनिवार को एमटीटीएस सोसायटी, आईईईई स्टूडेंट ब्रांच एवं एसकेआईटी (स्वामी केशवानंद इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड ग्रामोथान) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस मौके पर देश के ख्यातनाम वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने शिरकत कर विद्यार्थियों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचने के लिए प्रेरित किया।
वैज्ञानिकों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे—
- डॉ. महेश राजपुरोहित (ओएस एवं प्रोग्राम डायरेक्टर, एमआरएसएएम, डीआरडीओ)
- डॉ. प्रदीप कुमार अग्रवाल (वैज्ञानिक ‘जी’, डीआरडीओ हैदराबाद)
- डॉ. मेघेंद्र शर्मा (सचिव, विज्ञान भारती राजस्थान)
- बी.आर. गुर्जर (निदेशक, एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़)
इन सभी विशेषज्ञों ने छात्रों को भारत की बढ़ती वैज्ञानिक क्षमताओं, अंतरिक्ष तकनीक और रक्षा अनुसंधान में हो रही प्रगति से अवगत कराया।
चंद्रयान-3 की सफलता बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में विशेष रूप से चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता का उल्लेख किया गया, जिसने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला विश्व का पहला देश बनाया। इसके साथ ही डीआरडीओ की मिसाइल विकास यात्रा और स्वदेशी तकनीक के क्षेत्र में हुए क्रांतिकारी प्रयासों पर भी प्रकाश डाला गया।
छात्रों के लिए प्रेरणा का मंच
वैज्ञानिकों ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की युवा पीढ़ी में अपार ऊर्जा और क्षमता है। यदि छात्र अनुसंधान, नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निरंतर प्रयास करें तो आने वाले समय में भारत न केवल अंतरिक्ष विज्ञान बल्कि रक्षा और तकनीक के हर क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा सकता है।
एसकेआईटी द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि इससे उन्हें देश की वैज्ञानिक प्रगति में योगदान देने का उत्साह भी मिला। आयोजकों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विज्ञान और नवाचार के प्रति छात्रों की रुचि और अधिक प्रगाढ़ होगी।