एसकेआईटी में दो-दिवसीय अग्नि सुरक्षा अभ्यास संपन्न: विशेषज्ञों ने सिखाए आग से बचाव के गुर
| योगेश शर्मा
जयपुर। जगतपुरा स्थित स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड ग्रामोत्थान (SKIT) में ‘प्रयोगशाला सुरक्षा एवं कौशल’ स्टाफ विकास कार्यक्रम के तहत दो-दिवसीय अग्नि सुरक्षा अभ्यास (Fire Safety Drill) का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संस्थान के कर्मचारियों और विद्यार्थियों को आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयार करना और परिसर में सुरक्षा मानकों को विश्वस्तरीय बनाना था।
विशेषज्ञों द्वारा व्यावहारिक प्रशिक्षण
कार्यक्रम में एमडीएम (MDM) सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, जयपुर के सुरक्षा विशेषज्ञों ने तकनीकी और व्यावहारिक सत्र लिए। विशेषज्ञों ने बताया कि आग लगने पर घबराने के बजाय धैर्य और सही तकनीक का उपयोग जान-माल की रक्षा कर सकता है।
अभ्यास के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया गया:
- आग की पहचान: आग के विभिन्न प्रकारों (Class A, B, and C) के बीच अंतर करना।
- अग्निशामक यंत्रों का उपयोग: अलग-अलग श्रेणियों की आग के लिए सही सिलेंडर का चुनाव और उसे चलाने की PASS तकनीक का प्रदर्शन।
- फायर हाइड्रेंट सिस्टम: परिसर में लगे फायर हाइड्रेंट को सक्रिय करने और उसके भारी दबाव वाले पानी के पाइप को नियंत्रित करने का व्यावहारिक अभ्यास।
- त्वरित प्रतिक्रिया: आपातकालीन अलार्म बजने पर सुरक्षित निकासी (Evacuation) की प्रक्रिया।
सामूहिक सहभागिता और उत्साह
इस प्रशिक्षण की खास बात यह रही कि इसमें केवल सुरक्षा गार्ड्स ही नहीं, बल्कि संस्थान के हर वर्ग ने हिस्सा लिया। प्रोफेसर्स, विद्यार्थी, लैब तकनीशियन, इलेक्ट्रिशियन, हॉस्टल एवं मेस स्टाफ ने स्वयं अपने हाथों से अग्निशामक यंत्रों का उपयोग कर “लाइव फायर फाइटिंग” का अनुभव प्राप्त किया।
”सुरक्षा केवल एक नियम नहीं, बल्कि एक संस्कार है। इस तरह के आयोजनों से न केवल संस्थान सुरक्षित होता है, बल्कि व्यक्ति अपने निजी जीवन में भी आपदाओं के प्रति जागरूक बनता है।” — विशेषज्ञ, एमडीएम सर्विसेज
सुरक्षा का संकल्प
दो दिनों तक चले इन सत्रों को प्रतिभागियों ने अत्यंत ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित सदस्यों ने संस्थान परिसर और अपने घरों में सुरक्षा मानकों को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा दूसरों को जागरूक करने का संकल्प लिया। संस्थान प्रबंधन ने विश्वास जताया कि इस तरह के स्टाफ विकास कार्यक्रमों से कार्यस्थल पर एक सुरक्षित और कुशल वातावरण निर्मित होगा।
