एसकेआईटी में ‘ड्रोन टेक्नोलॉजी’ पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आगाज: असेंबली से लेकर सिमुलेशन तक का छात्र ले रहे व्यावहारिक प्रशिक्षण
| योगेश शर्मा
जयपुर। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देते हुए स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एवं ग्रामोथान (एसकेआईटी), जयपुर में “ड्रोन टेक्नोलॉजी: असेंबली एवं सिमुलेशन” विषय पर तीन दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल शुभारंभ हुआ। 29 से 31 जनवरी तक चलने वाली इस कार्यशाला का आयोजन मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग, ई-यंत्रा लैब और रोबोटिक्स क्लब द्वारा ड्रोनम इंडिया एविएशंस, जयपुर के तकनीकी सहयोग से किया जा रहा है।
उद्देश्य: भविष्य के ‘ड्रोन एक्सपर्ट्स’ तैयार करना
इस कार्यशाला का मुख्य लक्ष्य छात्रों को रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में मौलिक (Basic) से लेकर मध्यम स्तर तक का सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना है। इसके माध्यम से छात्र मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के समन्वय को समझकर आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार कर सकेंगे।
प्रमुख गतिविधियाँ और प्रशिक्षण
तीन दिनों तक चलने वाले इस सत्र में प्रतिभागियों को निम्नलिखित विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है:
- ड्रोन असेंबली: पुर्जों को जोड़कर ड्रोन तैयार करना।
- सिमुलेशन: वर्चुअल माध्यम से ड्रोन संचालन की बारीकियां सीखना।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल: उड़ान के दौरान सुरक्षा और रखरखाव की प्रक्रियाएँ।
- लाइव फ्लाइंग: वास्तविक ड्रोन संचालन का अनुभव।
उद्घाटन सत्र और विशेषज्ञ विचार
कार्यशाला का आयोजन मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. धीरज जोशी के मार्गदर्शन में हो रहा है। उद्घाटन सत्र में डॉ. अचिन श्रीवास्तव ने हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित किया। कार्यशाला समन्वयक डॉ. पल्लव रावल ने तीन दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह सत्र छात्रों को इंटर्नशिप और शोध के अवसरों के लिए सक्षम बनाएगा।
ड्रोनम इंडिया एविएशंस के मास्टर प्रशिक्षक खुशाल इंदौरिया ने भारत में ड्रोन उद्योग के भविष्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि:
”कृषि, आपदा प्रबंधन, इंफ्रास्ट्रक्चर निरीक्षण और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में ड्रोन की मांग तेजी से बढ़ रही है। सरकार की पीएलआई (PLI) योजना जैसी पहल इस क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के अपार द्वार खोल रही हैं।”
तकनीकी दक्षता की ओर बढ़ते कदम
कार्यक्रम का समापन समन्वयक प्रवीन सारस्वत के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने उद्योग सहयोगियों और संकाय सदस्यों का आभार जताया। यह कार्यशाला एसकेआईटी की उद्योग-उन्मुख शिक्षा और छात्रों के कौशल विकास के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है।

