एसकेआईटी में ‘टेक्नोथोन’ का आयोजन: युवाओं ने जलवायु परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा पर पेश किए नवाचारी समाधान
| योगेश शर्मा
जयपुर। जगतपुरा स्थित स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड ग्रामोथान (एसकेआईटी) में नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘टेक्नोथोन – एक आइडिया प्रतियोगिता’ एवं प्रस्तुति कार्यक्रम का शानदार आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में उभरते इंजीनियरों ने वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए अपने विजनरी आइडियाज साझा किए।
महत्वपूर्ण वैश्विक विषयों पर केंद्रित रही प्रतियोगिता
प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्रों को संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) जैसे स्वच्छ जल एवं स्वच्छता, सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा, सतत शहर एवं समुदाय तथा जलवायु परिवर्तन जैसे संवेदनशील विषयों पर अपनी सोच विकसित करने के लिए प्रेरित करना था।
विद्युत अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुश टोंडन के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्रों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक दुनिया की चुनौतियों पर काम करने का अवसर दिया। डॉ. टोंडन ने छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें भविष्य के नवाचारों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।
बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया और कड़ा मुकाबला
प्रतियोगिता को लेकर छात्रों में भारी उत्साह देखा गया और कुल 50 विचार प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं। एक गहन और तकनीकी चयन प्रक्रिया के बाद 18 सर्वश्रेष्ठ विचारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। अंतिम चरण में शीर्ष 12 टीमों ने निर्णायकों के सम्मुख अपने प्रोजेक्ट्स और प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किए।
निर्णायकों ने सराहा व्यावहारिक दृष्टिकोण
प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन विशेषज्ञ निर्णायक मुकेश अरोड़ा एवं दिनेश कुमार द्वारा किया गया। निर्णायकों ने छात्रों द्वारा पेश किए गए समाधानों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की नवाचारी सोच और उनका व्यावहारिक दृष्टिकोण भविष्य की समस्याओं को हल करने में सक्षम है।
इनका रहा विशेष योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में फैकल्टी कोऑर्डिनेटर्स डॉ. सरफराज नवाज, जितेंद्र सिंह एवं जिनेंद्र राहुल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं, छात्र समन्वयक तनिष्क यादव, दर्शन जांगिड़ एवं सदफ खान ने पूरी प्रतियोगिता के दौरान सुचारू प्रबंधन और समन्वय की जिम्मेदारी बखूबी निभाई।
यह ‘टेक्नोथोन’ प्रतियोगिता न केवल छात्रों की रचनात्मकता और समस्या समाधान कौशल (Problem Solving Skills) को प्रदर्शित करने का एक मंच साबित हुई, बल्कि इसने विद्यार्थियों को तकनीकी नवाचार की दिशा में एक नई दृष्टि भी प्रदान की।
मुख्य बिंदु:
- विषय: स्वच्छ ऊर्जा, जल प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन।
- प्रतिभागिता: 50 प्रविष्टियों में से 12 टीमें फाइनल तक पहुँचीं।
- उद्देश्य: छात्रों में स्टार्टअप और नवाचार की संस्कृति को विकसित करना।

