एसकेआईटी में ‘जेनरेटिव एआई’ पर एक सप्ताह की हैंड्स-ऑन कार्यशाला संपन्न: 180 छात्रों ने सीखे स्मार्ट एप्लिकेशन्स और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग के गुर

जयपुर/ योगेश शर्मा/जगतपुरा स्थित स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड ग्रामोत्थान (एसकेआईटी) में आधुनिक तकनीक पर केंद्रित एक सप्ताह की व्यावहारिक कार्यशाला का 26 सितंबर 2026 को समापन हुआ। “जेनरेटिव एआई इन प्रैक्टिस: बिल्ड स्मार्ट एप्लिकेशन्स” विषय पर आधारित इस हैंड्स-ऑन वर्कशॉप का आयोजन संस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग द्वारा आईईईई (IEEE) कंप्यूटर सोसाइटी स्टूडेंट ब्रांच चैप्टर और नवराशा आईटी सॉल्यूशन्स के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

​जे.सी. बोस ऑडिटोरियम में हुआ व्यावहारिक प्रशिक्षण

​संस्थान के जे.सी. बोस ऑडिटोरियम में आयोजित इस सात दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को थ्योरी से आगे ले जाकर वास्तविक प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था। तकनीकी विशेषज्ञों ने छात्रों को जेनरेटिव एआई की मूल अवधारणाओं से लेकर उन्नत स्तर तक का प्रशिक्षण दिया।

​कार्यशाला के प्रमुख तकनीकी विषय:

  • ​फाउंडेशनल कॉन्सेप्ट्स: जनरेटिव एआई और डीप लर्निंग आर्किटेक्चर की बुनियादी समझ।
  • ​लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs): आधुनिक मॉडल्स की कार्यप्रणाली और उनके प्रभावी उपयोग।
  • ​प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग: सटीक परिणाम प्राप्त करने के लिए इंडस्ट्री-ग्रेड प्रॉम्प्टिंग तकनीक।
  • ​रियल-वर्ल्ड प्रोजेक्ट्स: लाइव एआई टूल्स का उपयोग कर वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान हेतु स्मार्ट एप्लिकेशन्स का निर्माण।

​तकनीकी विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और प्रोजेक्ट्स का निर्माण

​कार्यशाला का संचालन तकनीकी विशेषज्ञ हितेश कश्यप एवं आरती खंडेलवाल द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को उभरती एआई तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग, कोड एकीकरण तथा एप्लीकेशन डेवलपमेंट के विभिन्न चरणों पर हैंड्स-ऑन मार्गदर्शन दिया। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान छात्रों ने सीखे गए सिद्धांतों को लागू करते हुए कई व्यावहारिक मिनी-प्रोजेक्ट्स भी तैयार किए।

​180 विद्यार्थियों की रही सक्रिय भागीदारी

​तकनीक के प्रति उत्साह का प्रमाण देते हुए इस वर्कशॉप में कुल 180 विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी दर्ज की। पूरे सप्ताह चले सत्रों को इंटरएक्टिव बनाने और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने में समन्वयक टीम—रितिका शर्मा, रितु शुक्ला एवं जगेंद्र चौधरी की अहम भूमिका रही। उनके कुशल प्रबंधन से कार्यशाला पूरी तरह विद्यार्थी-केंद्रित और संवादपरक बनी।

​उद्योग जगत की ज़रूरतों के अनुरूप कौशल विकास

​संस्थान प्रबंधन के अनुसार, इस प्रकार के तकनीकी आयोजनों का उद्देश्य छात्रों में उद्योग-उन्मुख कौशल (Industry-ready Skills), नवाचार क्षमता और भविष्य की तकनीकों के प्रति गहरी समझ विकसित करना है, ताकि वे तेजी से बदलते आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें।

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