एसकेआईटी में आईसीएमबीई-2025 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ
│लोकेंद्र सिंह शेखावत
जयपुर। स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड ग्रामोथन (एसकेआईटी), जयपुर के मैनेजमेंट स्टडीज़ विभाग द्वारा आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मैनेजमेंट, बिज़नेस एंड इकोनॉमी (ICMBE-2025) का शुभारंभ सोमवार को जे. सी. बोस सेमिनार हॉल में हुआ। देश-विदेश से आए विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों, शोधार्थियों और छात्रों की सहभागिता ने इसे एक प्रभावी और ज्ञानवर्धक आयोजन बना दिया।
दीप प्रज्वलन से हुआ विधिवत शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। एसकेआईटी के निदेशक (शैक्षणिक) प्रो. एस. एल. सूराणा ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए भारत की तेजी से सुदृढ़ होती अर्थव्यवस्था, ग्रीन एनर्जी के बढ़ते महत्व और उसके वैश्विक प्रभाव पर अपने विचार साझा किए।
सम्मेलन की थीम हुई प्रस्तुत
कन्वीनर डॉ. अजय वर्मा ने ICMBE-2025 की थीम का विस्तृत परिचय देते हुए बताया कि यह सम्मेलन प्रबंधन, नवाचार, व्यवसाय मॉडल, सतत विकास और अर्थव्यवस्था के आधुनिक आयामों पर केंद्रित है।
विशेष अतिथियों के प्रेरक वक्तव्य
विशेष अतिथि डॉ. राजेश मेठी, चेयरपर्सन, ISTD जयपुर ने कहा कि आज का युवा नवाचार और विश्लेषणात्मक सोच के माध्यम से महानगरों की अनेक चुनौतियों — विशेषकर ट्रैफिक प्रबंधन — को नए समाधान देकर समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
इसी क्रम में मुकुल शांडल्य और रवि रामावत ने प्रबंधन क्षेत्र में विश्लेषणात्मक उपकरणों के उपयोग पर प्रभावी प्रस्तुति दी।
उद्योग–अकादमिक साझेदारी पर जोर
माननीय अतिथि मिस अनिला चोरारिया, असिस्टेंट डायरेक्टर, MSME ने “जीरो डिफेक्ट–जीरो इफ़ेक्ट” मॉडल, लीन स्कीम और छात्रों व एमएसएमई सेक्टर के बीच सहयोग के अवसरों पर विस्तार से जानकारी दी।
अंतरराष्ट्रीय वक्ता अमित नैय्यर, सॉल्यूशन आर्किटेक्ट, RTX प्रैट एंड व्हिटनी, USA ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संभावनाएँ और उद्योगों में इसके भविष्य पर सारगर्भित व्याख्यान दिया।
ज्ञान-विनिमय का महत्व
श्री अंकित डागा, डायरेक्टर, गैलेक्सी ग्रुप ने ज्ञान साझा करने की संस्कृति को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि उद्योग और शिक्षण संस्थान मिलकर नवाचार को नई दिशा दे सकते हैं।
भारतीय रेल प्रबंधन पर विशेषज्ञ अनुभव
मुख्य अतिथि मंजुल माथुर, रेलवे इंजीनियर (IRSE) एवं पूर्व महाप्रबंधक, रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला ने भारतीय रेल प्रबंधन प्रणाली, उसके संचालन और चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा किए।
टीमवर्क से मिली सफलता
सम्मेलन को सफल बनाने में विभागाध्यक्ष डॉ. सविता चौधरी, मैनेजमेंट स्टडीज़ विभाग के सभी संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
अंत में तरुण शर्मा, कन्वीनर ICMBE-2025 ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।