युवा इंजीनियरों ने एआई और आधुनिक तकनीक से पेश किए सामाजिक समस्याओं के समाधान
| योगेश शर्मा
जयपुर। राजधानी के प्रमुख शिक्षण संस्थान स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड ग्रामोत्थान (एसकेआईटी) में नवाचार और तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिला। संस्थान के ‘डिपार्टमेंट ऑफ बेसिक साइंस एंड ह्यूमैनिटीज’ द्वारा राजस्थान सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) के सहयोग से ‘प्रोजेक्ट एक्स्पो 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में बी.टेक. प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कुल 52 वर्किंग मॉडल्स और प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए।

मुख्य अतिथि द्वारा उद्घाटन
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, पूर्व मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा) डॉ. शुचि शर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया और उनकी रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों के सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक धरातल पर लाने का सशक्त माध्यम हैं। इस दौरान संस्थान के डायरेक्टर (अकादमिक) डॉ. एस.एल. सुराना और प्राचार्य डॉ. रमेश कुमार पचार सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित रहे प्रोजेक्ट्स
बी.टेक. प्रथम वर्ष इंचार्ज डॉ. संगीता चौधरी एवं एक्सपो के संयोजक डॉ. अनुराग शर्मा ने बताया कि इस वर्ष विद्यार्थियों ने विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) का उपयोग कर दैनिक जीवन की जटिल समस्याओं के समाधान पेश किए। विद्यार्थियों ने यह साबित किया कि तकनीक का सही उपयोग समाज के हर वर्ग के लिए लाभकारी हो सकता है।
एक्स्पो के मुख्य आकर्षण और नवाचार:
- स्मार्ट एग्रीकल्चर: किसानों की सहायता के लिए ‘स्मार्ट सॉइल मॉइस्चर डिटेक्शन’ एवं ‘ऑटोमैटिक सिंचाई प्रणाली’ विकसित की गई, जो मिट्टी की नमी के आधार पर स्वतः पानी की आपूर्ति करती है।
- रोड सेफ्टी और ट्रैफिक: ट्रैफिक जाम से मुक्ति के लिए ‘स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ और पहाड़ी क्षेत्रों में दुर्घटनाएं रोकने के लिए ‘ब्लाइंड टर्न रोड सेफ्टी सिस्टम’ ने विशेषज्ञों का ध्यान खींचा।
- स्मार्ट हेलमेट: शराब के सेवन या चालक को नींद आने (थकान) की स्थिति में दुर्घटना रोकने हेतु एक विशेष स्मार्ट हेलमेट मॉडल पेश किया गया।
- महिला सुरक्षा: आपातकालीन स्थिति में लोकेशन ट्रैकिंग और तुरंत अलर्ट भेजने वाला एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन प्रदर्शित किया गया।
- शिक्षा में तकनीक: संस्थानों में उपस्थिति दर्ज करने के लिए ‘फेस रिकग्निशन आधारित स्मार्ट अटेंडेंस सिस्टम’ को कार्य-दक्षता बढ़ाने वाली एक प्रभावी पहल बताया गया।
- आपदा प्रबंधन: दुर्गम क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए कम लागत वाला ‘आर.सी. एयरक्राफ्ट सप्लाई सिस्टम’ तैयार किया गया, जो आपदा के समय जीवनरक्षक साबित हो सकता है।
सराहना और उद्देश्य
प्रदर्शनी के निर्णायक मंडल और संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों की तकनीकी समझ और उनके सामाजिक दृष्टिकोण की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मंच विद्यार्थियों के आत्मविश्वास में वृद्धि करते हैं और उन्हें भविष्य के लिए ‘प्रॉब्लम सॉल्वर’ के रूप में तैयार करते हैं।
यह आयोजन न केवल एक शैक्षणिक गतिविधि रहा, बल्कि इसने समाज के विकास में तकनीक की अपरिहार्य भूमिका को भी रेखांकित किया।
