एसकेआईटी को मिली स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 के ग्रैंड फिनाले की मेजबानी

एसकेआईटी को मिली स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 के ग्रैंड फिनाले की मेजबानी

11 राज्यों से आएंगी 25 नवोन्मेषी टीमें, 36 घंटे चलेगा इनोवेशन मैराथन
2020 और 2023 के बाद तीसरी बार नोडल सेंटर बनने का गौरव

| लोकेंद्र सिंह शेखावत

जयपुर । स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एसकेआईटी) एक बार फिर राष्ट्रीय नवाचार मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। भारत सरकार ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2025 (एसआईएच-2025) के सॉफ्टवेयर एडिशन के ग्रैंड फिनाले की मेजबानी के लिए एसकेआईटी का चयन किया है। यह आयोजन आगामी 8 और 9 दिसंबर को होगा। कॉलेज प्रशासन द्वारा इसकी तैयारियों की औपचारिक घोषणा की गई।

एसकेआईटी के निदेशक जयपाल मील ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पूरे राजस्थान में तीन नोडल सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें एसकेआईटी प्रमुख नोडल सेंटर के रूप में शामिल है। यहां सॉफ्टवेयर श्रेणी का नेशनल लेवल ग्रैंड फिनाले आयोजित किया जाएगा।


तीसरी बार मिला बड़ा अवसर

एआईसीटीई के मीडिया सलाहकार पुनीत शर्मा ने बताया कि यह स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का आठवां संस्करण है और एसकेआईटी को तीसरी बार इसकी मेजबानी का अवसर मिला है। पूर्व में 2020 और 2023 में भी संस्थान को यह प्रतिष्ठित जिम्मेदारी दी गई थी, जिसमें कॉलेज ने उत्कृष्ट आयोजन कर राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान बनाई।

25 टीमें, 11 राज्य और 36 घंटे का इनोवेशन मैराथन

कॉलेज के प्रिंसिपल रमेश कुमार पचार ने जानकारी दी कि इस बार ग्रैंड फिनाले में 11 राज्यों की 25 चयनित छात्र टीमों का समागम होगा। ये टीमें 36 घंटे तक विभिन्न वास्तविक समस्याओं के समाधान पर काम करेंगी। संस्थान ने प्रतिभागी टीमों के आवास, भोजन, सुरक्षा, मेडिकल सेवाओं, तकनीकी सहायता सहित सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है।

271 चुनौतीपूर्ण समस्या-विवरण, 3.4 लाख से अधिक प्रतिभागी

एसआईएच की स्पेशल प्वाइंट ऑफ कॉन्टेक्ट (SPOC) डॉ. नीलम चौधरी ने बताया कि इस हैकाथॉन में कुल 271 प्रॉब्लम स्टेटमेंट जारी की गई हैं। ये समस्या-विवरण विभिन्न मंत्रालयों, सरकारी एजेंसियों व विभागों की जरूरतों पर आधारित हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष देशभर में 3.4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने इस आयोजन में भाग लिया है, जो कि पिछले संस्करणों की तुलना में करीब 71 प्रतिशत अधिक है।

टेक्नोलॉजी के भविष्य पर काम करेंगी टीमें

निदेशक जयपाल मील के अनुसार इस बार जिन क्षेत्रों पर नवाचार आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे, उनमें प्रमुख हैं—

  • स्पेस टेक्नोलॉजी
  • साइबर सिक्योरिटी
  • स्मार्ट एजुकेशन
  • एग्रीटेक
  • डिजिटल गवर्नेंस
  • ऑटोमेशन समाधान

उन्होंने कहा कि एसकेआईटी की नवाचार संस्कृति इस आयोजन को छात्रों के लिए और अधिक उपयोगी बनाएगी।

कौशल विकास व वास्तविक चुनौतियों का समाधान

डायरेक्टर एकेडमिक्स एस.एल. सुराणा ने बताया कि स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन जैसी प्रतियोगिताएं छात्रों को व्यावहारिक समस्या समाधान, टीमवर्क, तकनीकी नेतृत्व और नवाचार की दिशा में सक्षम बनाती हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छात्रों को उद्योग एवं सरकारी चुनौतियों से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ता है।

सुराणा ने बताया कि देशभर में कुल 60 नोडल सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिनमें

  • 42 सॉफ्टवेयर एडिशन
  • 18 हार्डवेयर एडिशन

के केंद्र शामिल हैं। हर प्रॉब्लम स्टेटमेंट के लिए विजेता टीम को ₹1 लाख की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

एसकेआईटी आगामी 8-9 दिसंबर को देश की अग्रणी टीमों को नवाचार के एक मंच पर लाकर राष्ट्रीय तकनीकी उत्कृष्टता का एक और अध्याय लिखने जा रहा है। आयोजन से जयपुर के शैक्षणिक और तकनीकी परिदृश्य को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

Block title
Related

अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र: सड़कों के विकास के लिए 4.24 करोड़ रुपये की सौगात, विधानसभा अध्यक्ष के प्रयासों को मिली गति

अजमेर/ नरेश गुनानी/राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के निरंतर...