| लोकेंद्र सिंह शेखावत
जयपुर। स्वामी केशवानंद प्रौद्योगिकी, प्रबंधन एवं ग्रामोत्थान संस्थान (एसकेआईटी एम एंड जी) के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग और रिग्वैमानिकी टेक्नोलॉजीज, पाली के बीच ड्रोन तथा इलेक्ट्रिक एविएशन क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य ड्रोन एवं इलेक्ट्रिक विमानन तकनीक में नवाचार, विनिर्माण, अनुसंधान और बाज़ार विस्तार को बढ़ावा देना है। साथ ही दोनों संस्थान नीतियों, प्रशिक्षण मानकों और कौशल विकास कार्यक्रमों को एक-दूसरे के अनुरूप लाने के लिए भी मिलकर काम करेंगे।
एमओयू के प्रमुख लक्ष्य
- स्वदेशी ड्रोन निर्माण क्षमताओं का विकास
- अनुसंधान एवं विकास (R&D) को प्रोत्साहन
- ड्रोन प्रौद्योगिकी के लिए सशक्त और स्थायी पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण
- रक्षा, कृषि और सामान्य उपयोगों के लिए उन्नत ड्रोन समाधान विकसित करना
- छात्रों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण और प्रायोगिक ज्ञान उपलब्ध कराना
ड्रोन और इलेक्ट्रिक एविएशन तकनीक को भविष्य के तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में गिना जा रहा है। ऐसे में यह साझेदारी छात्रों, शोधकर्ताओं, निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए नए अवसर खोलेगी।
एमओयू पर हस्ताक्षर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के एचओडी डॉ. अंकुश टंडन, उप-एचओडी डॉ. तरूण नरुका, प्रोफेसर डॉ. धनराज चितारा, रिग्वैमानिकी टेक्नोलॉजीज के निदेशक जितेश त्रिवेदी और सलाहकार हितेश पाठक की उपस्थिति में किए गए।