एसआई भर्ती रद्द करने पर लगी रोक, अब डिवीजन बेंच में होगी सुनवाई
चयनित अभ्यर्थियों की अपील पर हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश, हजारों उम्मीदवारों के भविष्य पर टिकी निगाहें
रिपोर्ट हरि प्रसाद शर्मा पुष्कर। संपादन सुनील शर्मा। टेलीग्राफ टाइम्स
जयपुर, 8 सितम्बर। राजस्थान में बहुप्रतीक्षित सब इंस्पेक्टर भर्ती-2021 पर आया विवाद एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने एकल पीठ द्वारा भर्ती रद्द करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। अब यह मामला जस्टिस एस.पी. शर्मा की खंडपीठ में सुनवाई के लिए तय किया गया है।
चयनित उम्मीदवारों की अपील
अमर सिंह व अन्य चयनित सब इंस्पेक्टरों ने एकल पीठ के फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर की। अपील में कहा गया कि-
- पेपर लीक का मामला व्यापक स्तर पर नहीं हुआ था, बल्कि यह केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित था।
- आरपीएससी सदस्यों द्वारा लीक पेपर सिर्फ उनके बच्चों और नजदीकी रिश्तेदारों तक पहुंचाया गया।
- ऐसे में संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया को रद्द करना कानून सम्मत और न्यायसंगत नहीं है।
अपीलकर्ताओं ने यह भी तर्क रखा कि भर्ती की सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। इस प्रकार उनके अधिकार सृजित हो चुके हैं और अब उन्हें नियुक्ति से वंचित करना गंभीर अन्याय होगा।
कई चयनित उम्मीदवारों ने बताया कि इस भर्ती को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अन्य सरकारी नौकरियां छोड़ी थीं। अब पूरी भर्ती रद्द कर देने से उनका भविष्य दांव पर लग गया है।
दोनों पक्षों की कानूनी तैयारी
चयनित अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एन. माथुर, कमलाकर शर्मा, अलंकृता शर्मा और तनवीर अहमद अदालत में पैरवी कर रहे हैं।
वहीं, जिन याचिकाकर्ताओं के पक्ष में सिंगल बेंच का फैसला आया था, उन्होंने हाईकोर्ट में पहले ही कैविएट दायर कर रखी है। उनके वकील हरेन्द्र नील ने कहा कि—
“हम डिवीजन बेंच में भी मजबूती से अपना पक्ष रखेंगे। भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।”
सुप्रीम कोर्ट का पुराना सिद्धांत
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट कई मामलों में यह स्पष्ट कर चुका है कि यदि भर्ती में सही और गलत उम्मीदवारों को अलग करना संभव न हो, तो पूरी भर्ती रद्द करना ही न्यायोचित कदम माना जाएगा।
हजारों उम्मीदवारों पर असर
राजस्थान पुलिस में एसआई भर्ती-2021 युवाओं के लिए सबसे बड़ी भर्तियों में से एक मानी जाती है। अब डिवीजन बेंच का आने वाला फैसला न केवल चयनित उम्मीदवारों, बल्कि हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित करेगा।
राजस्थान हाईकोर्ट का यह मामला अब निर्णायक मोड़ पर है। डिवीजन बेंच का फैसला यह तय करेगा कि चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी बरकरार रहेगी या पूरी भर्ती फिर से रद्द होगी। फिलहाल सभी की निगाहें अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।