एल नीनो की संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करें: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास
- पशुधन सुरक्षा के लिए अंतर-विभागीय समन्वय और पुख्ता कार्ययोजना पर जोर
जयपुर, 28 जुलाई 2026 /, नरेश गुनानी— राजस्थान में एल नीनो-2026 के संभावित प्रतिकूल प्रभावों से निपटने और प्रदेश में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गठित राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की उच्चस्तरीय बैठक मंगलवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में संभावित प्राकृतिक आपदा और सूखे जैसी परिस्थितियों के मद्देनजर प्रदेश में चारा सुरक्षा, भंडारण और आवश्यक अग्रिम तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक की मुख्य बिंदु व निर्देश
- आपात स्थिति के लिए सभी विकल्प तैयार रखने के निर्देश मुख्य सचिव ने टास्क फोर्स के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि एल नीनो के संभावित प्रभाव से राज्य में चारे की कमी न हो, इसके लिए समय रहते सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी क्षेत्र में पशुपालकों के सामने चारे का संकट उत्पन्न होता है, तो उससे निपटने के लिए सभी संभावित विकल्पों का पूर्व आकलन कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार रखी जाए, ताकि पशुपालकों को किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।
- चारा उत्पादन की सतत मॉनिटरिंग और भंडारण राज्य में चारा फसलों के उत्पादन की नियमित निगरानी के लिए विशेष निर्देश दिए गए:
- सतत मॉनिटरिंग: चारा उत्पादन की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी।
- भंडारण व्यवस्था: चारे की पर्याप्त उपलब्धता के साथ-साथ राज्य भर में सुरक्षित भंडारण व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा।
- चारागाहों का संरक्षण: राज्य के पारंपरिक चारागाहों के समुचित संरक्षण, विकास और रखरखाव पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो सके।
- टास्क फोर्स द्वारा की जा रही तैयारियों की समीक्षा बैठक के दौरान पशुपालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव विकास सीताराम भाले ने टास्क फोर्स द्वारा उठाये जा रहे कदमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए ठोस योजनाएँ बनाई जा रही हैं और चारा सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है।
समन्वित प्रयासों से होगी पशुधन की सुरक्षा
मुख्य सचिव ने बल देकर कहा कि एल नीनो जैसी वैश्विक प्राकृतिक चुनौतियों का सामना अंतर-विभागीय समन्वय के बिना संभव नहीं है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि:
- समयबद्ध योजना बनाकर उसका त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
- सतत निगरानी के साथ त्वरित निर्णय लें।
- आवश्यकता पड़ने पर सभी विभाग तुरंत प्रभाव से कदम उठाने के लिए अलर्ट मोड पर रहें।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में पशुपालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव विकास सीताराम भाले के अलावा प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरिजीत बनर्जी, उद्यानिकी आयुक्त श्वेता चौहान सहित विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।