जयपुर/ प्रीति बालानी/पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoP&NG) के दिशा-निर्देशों के तहत ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) द्वारा देशभर में आधार आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य एलपीजी सब्सिडी और अन्य लाभों को केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक पहुँचाना है, जिससे वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
राजस्थान में वर्तमान में कुल 1.85 करोड़ सक्रिय एलपीजी उपभोक्ता हैं, जिनमें से लगभग 38 लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। लंबित मामलों में इंडेन के 17.3 लाख, भारत पेट्रोलियम (BPCL) के लगभग 9 लाख और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के 11.7 लाख उपभोक्ता शामिल हैं।
राज्य स्तरीय तेल समन्वयक राजस्थान मनोज गुप्ता के अनुसार, वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 20,000 उपभोक्ता अपनी ई-केवाईसी करवा रहे हैं। हालांकि, इस रफ्तार से 16 अगस्त 2026 की निर्धारित अंतिम तिथि तक सभी लंबित आवेदनों को पूरा करना एक चुनौती बना हुआ है। इसे ध्यान में रखते हुए तीनों प्रमुख तेल कंपनियों ने पूरे राज्य में इस अभियान को और तेज कर दिया है।
16 अगस्त तक ई-केवाईसी न कराने पर पड़ेगा यह असर
तेल कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं को एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जा रहा है कि यदि 16 अगस्त 2026 तक ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो उन्हें रियायती/घरेलू दर पर एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी।
ई-केवाईसी पूरी करने के आसान तरीके
उपभोक्ता निम्नलिखित माध्यमों से अपनी ई-केवाईसी आसानी से पूरी कर सकते हैं:
- मोबाइल ऐप द्वारा (घर बैठे):
- इंडेन उपभोक्ता: IndianOil ONE ऐप का उपयोग करें।
- भारत गैस उपभोक्ता: Hello BPCL ऐप का उपयोग करें।
- एचपी गैस उपभोक्ता: HP Pay ऐप के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करें।
- डिलीवरी कर्मी के माध्यम से: सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय डिलीवरी एजेंट के पास उपलब्ध फेस-स्कैन तकनीक द्वारा।
- निकटतम एजेंसी पर जाकर: अपनी एलपीजी वितरक एजेंसी पर जाकर बायोमेट्रिक (अंगूठे का निशान या फेस स्कैन) प्रक्रिया के माध्यम से।
जागरूकता अभियान और विशेष शिविर
समय सीमा के भीतर सभी उपभोक्ताओं तक पहुँचने के लिए तेल कंपनियाँ पूरे राजस्थान में एसएमएस संदेशों, वितरकों, डिलीवरी कर्मियों और फील्ड अधिकारियों के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चला रही हैं। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में विशेष ई-केवाईसी शिविरों का आयोजन भी किया जा रहा है।
मनोज गुप्ता ने राजस्थान के सभी एलपीजी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपनी ई-केवाईसी जल्द से जल्द पूरी कराएं, ताकि बिना किसी बाधा के घरेलू दरों पर एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति जारी रह सके।