एमनेस्टी योजना: बड़े बकायादारों से वन-टू-वन संवाद, अगस्त तक 3460 करोड़ की वसूली
जयपुर, 15 सितम्बर 2025। लोकेंद्र सिंह शेखावत। टेलीग्राफ टाइम्स।
प्रमुख शासन सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त की अध्यक्षता में सोमवार को विभागीय अधिकारियों की वर्चुअल बैठक आयोजित हुई। उन्होंने निर्देश दिए कि खान विभाग की बकाया ब्याजमाफी की एमनेस्टी योजना के बड़े बकायादारों से अधीक्षण खनिज अभियंता व्यक्तिगत संवाद कर वसूली प्रयासों को तेज करेंगे। अन्य बकायादारों से संबंधित खनिज अभियंता और सहायक खनिज अभियंता संपर्क करेंगे और योजना की जानकारी देकर राशि की वसूली सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा होगी तथा खान विभाग के वित्तीय सलाहकार प्रतिदिन रिपोर्ट तैयार कर सरकार को अवगत कराएंगे। अतिरिक्त निदेशक वृत स्तर पर नियतकालीन समीक्षा करते हुए समन्वय और मार्गदर्शन देंगे।
टी. रविकान्त ने स्पष्ट किया कि राजस्व वसूली में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने बताया कि विभागीय एमनेस्टी योजना में बकाया मूल राशि पर अधिकतम 90 प्रतिशत तक की छूट दी गई है, जिससे इसे सरल और लाभकारी बनाया गया है। फील्ड अधिकारियों का दायित्व है कि वे सभी बकायादारों से संपर्क कर वसूली के ठोस प्रयास करें और न्यायालय में लंबित मामलों को छोड़कर शेष प्रकरणों में तेजी से कार्यवाही करें।
उन्होंने बताया कि अगस्त 2025 तक खान विभाग में 3460 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व संग्रहित किया गया है। साथ ही पुराने और चालू बकायों के साथ अवैध खनन पर लगाए गए जुर्माने की राशि की भी वसूली के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री व खान मंत्री भजन लाल शर्मा द्वारा लागू की गई एमनेस्टी योजना से न केवल बकाया राजस्व की वसूली सुनिश्चित होगी, बल्कि समय और धन की बचत से मानव संसाधन का उत्पादक कार्यों में उपयोग भी हो सकेगा।
बैठक में अतिरिक्त निदेशक महेश माथुर, वित्तीय सलाहकार गिरिश कछारा, ओएसडी श्रीकृष्ण शर्मा, एसजी सचिवालय सुनील वर्मा, जेएलआर गजेन्द्र सिंह सहित विभिन्न अधिकारी और अधीक्षण खनिज अभियंता उपस्थित रहे।