नई दिल्ली, 03 अगस्त / गौरव कोचर/केंद्र सरकार ने देश से हाथ से मैला ढोने (मैनुअल स्कैवेंजिंग) की प्रथा को समाप्त करने और सीवर व सेप्टिक टैंक सफाई कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान एवं कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। सरकार ने राज्यसभा में सूचित किया कि ‘मैनुअल स्कैवेंजर्स के तौर पर रोजगार पर रोक और उनके पुनर्वास अधिनियम, 2013’ (एमएस अधिनियम, 2013) के तहत देश भर के सभी जिलों में कराए गए ताजा सर्वेक्षण में अब एक भी मैनुअल स्कैवेंजर नहीं पाया गया है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन द्वारा पूछे गए एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्वच्छ शौचालयों के निर्माण और सीवर व सेप्टिक टैंक की बिना सुरक्षा उपकरणों के मानवीय सफाई कराने पर पूरी तरह कानूनी रोक लागू है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस कानून का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
नमस्ते योजना से 89,915 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मियों की पहचान
सदन को अवगत कराया गया कि वर्ष 2023-24 में शुरू की गई ‘नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम’ (नमस्ते – NAMASTE) योजना का मुख्य उद्देश्य मशीनीकरण और कल्याणकारी उपायों के जरिए कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत पूरे देश में 89,915 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों की पहचान कर उनके सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जिसकी राज्यवार सूची सदन के पटल पर रखी गई।
मशीनीकृत सफाई और सुरक्षा तंत्र पर जोर
सुरक्षित सफाई व्यवस्था और हादसों को रोकने के लिए सरकार द्वारा निम्नलिखित प्रमुख कदम उठाए जा रहे हैं:
- सुरक्षा एवं प्रशिक्षण: कर्मियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) किट का वितरण और सुरक्षा मानकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण।
- इमरजेंसी रिस्पॉन्स यूनिट्स: आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों (ERSU) को आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस करना।
- मशीन खरीद पर सब्सिडी: सफाई कर्मचारियों, उनके समूहों और प्राइवेट सैनिटेशन सर्विस ऑपरेटर्स (PSSO) को सफाई मशीनें व वाहन खरीदने के लिए अग्रिम पूंजीगत सब्सिडी।
- स्वास्थ्य सुरक्षा व जागरूकता: वर्करों को स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करना और जोखिम भरी मैनुअल सफाई को रोकने के लिए जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन।
स्वच्छ भारत मिशन 2.0 का अहम योगदान
सदन को बताया गया कि 1 अक्टूबर 2021 से संचालित स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U 2.0) का प्रमुख हिस्सा ‘यूज्ड वॉटर मैनेजमेंट’ (UWM) है। इसका मुख्य उद्देश्य सीवर और सेप्टिक टैंकों की पूरी तरह मशीनीकृत सफाई को बढ़ावा देकर इंसानों के जहरीले सीवर में उतरने की प्रथा को पूरी तरह समाप्त करना है।