एमएसीपी लाभ से वंचित करने वाले विभागीय आदेश के विरोध में शिक्षकों का हल्लाबोल; राज्यभर में आदेश की प्रतियां जलाईं

उत्क्रमित मध्य विद्यालय चिल्हा में भी उग्र प्रदर्शन, शिक्षकों ने सरकार से की भेदभावपूर्ण आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग

विशेष रिपोर्ट | नेहा रंजन 

गोड्डा | सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों को ‘संशोधित सुनिश्चित करियर प्रगति’ (MACP – Modified Assured Career Progression) योजना के लाभ से वंचित किए जाने के विरोध में शिक्षकों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। झारखंड ऑफिसर्स, टीचर्स एंड एम्पलाइज फेडरेशन (झारोटेफ) के प्रांतीय अध्यक्ष विक्रांत सिंह के निर्देश और जिला इकाई गोड्डा के आह्वान पर सोमवार को गोड्डा जिले के महागामा प्रखंड अंतर्गत सभी सरकारी विद्यालयों एवं शैक्षणिक कार्यालयों में व्यापक विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया।

​इस आंदोलन के तहत आक्रोशित शिक्षकों ने शिक्षा विभाग द्वारा जारी विवादित आदेश की प्रतियों का प्रतीकात्मक दहन किया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

​चिल्हा विद्यालय में एकजुट हुए शिक्षक, जताया कड़ा विरोध

​इसी कड़ी में उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चिल्हा में भी शिक्षकों ने एकजुट होकर सरकार के इस निर्णय के खिलाफ शंखनाद किया। विद्यालय परिसर में एकत्रित होकर शिक्षकों ने विभागीय आदेश की प्रतियां जलाईं और सरकार से इस आदेश को अविलंब वापस लेने की मांग की।

​प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि:

  • ​अन्य राज्यकर्मियों की तर्ज पर शिक्षकों को भी एमएसीपी (MACP) योजना का न्यायसंगत लाभ मिलना चाहिए।
  • ​इस अधिकार से वंचित करना शिक्षकों के साथ सरासर अन्याय और भेदभावपूर्ण रवैया है।
  • ​एमएसीपी शिक्षकों का संवैधानिक और सेवा संबंधी मौलिक अधिकार है, जिससे समझौता नहीं किया जाएगा।

​”अधिकारों के हनन पर चुप नहीं बैठेगा संगठन” — रीतेश रंजन

​विरोध-प्रदर्शन के दौरान झारोटेफ के जिला उपाध्यक्ष सह अनुमंडल प्रवक्ता रीतेश रंजन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:

“यह आंदोलन शिक्षकों के जायज अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए शुरू किया गया है। यदि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग शीघ्र ही इस दिशा में कोई सकारात्मक और त्वरित निर्णय नहीं लेता है, तो संगठन अपने पूर्व घोषित चरणबद्ध आंदोलन को और अधिक उग्र एवं तीव्र करने के लिए बाध्य होगा। शिक्षकों के अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संगठन लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर रहकर इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएगा।”

 

​आंदोलन में ये शिक्षक रहे शामिल

​उत्क्रमित मध्य विद्यालय चिल्हा में आयोजित इस विरोध कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक तोहिद आलम के नेतृत्व में शिक्षक एवं कर्मचारी एकजुट रहे। इस मौके पर इबनूल हसन, मोज़ीबुल हक, इनामुल हक, शमीम अख्तर, मुबारक करीम एवं मनीष कुमार यादव मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

​सभी शिक्षकों ने एक स्वर में सरकार से मांग की कि शिक्षकों के हितों से खिलवाड़ करने वाले इस आदेश को अविलंब निरस्त किया जाए और उन्हें उनका न्यायसंगत हक प्रदान किया जाए

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