जयपुर, 26 जून/ नरेश गुनानी/राजस्थान में ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। शासन सचिवालय में एनर्जी ट्रांजिशन पर गठित राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति की बैठक में प्रदेश के ऊर्जा परिदृश्य को बदलने और नए नियमों को अमलीजामा पहनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रस्तावित ‘राजस्थान एनर्जी कंजर्वेशन सस्टेनेबल बिल्डिंग कोड’ को अधिसूचित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
ऊर्जा दक्ष भवनों के निर्माण पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि इस नए कोड को लागू करने का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बनने वाले भवनों में ऊर्जा की खपत को कम करना है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:
- प्रभावी अनुपालन मैकेनिज्म: कोड और इससे संबंधित नियमों के प्रारूपों की समीक्षा करते हुए इसे जल्द अंतिम रूप दिया जाए।
- सख्त मॉनिटरिंग: भवन निर्माण के क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को अनिवार्य रूप से प्रोत्साहित करने के लिए एक मजबूत क्रियान्वयन तंत्र विकसित किया जाए।
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बनेगा ‘व्यापक रोडमैप’
बैठक में ‘पीएम ई-ड्राइव योजना’ के तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के इकोसिस्टम को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि:
- प्रदेश के प्रमुख शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों का जाल बिछाने के लिए एक विस्तृत और व्यापक रोडमैप तैयार किया जाए।
ग्रिड स्थिरता और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को गति
राजस्थान सौर ऊर्जा सहित नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में देश में लगातार अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इस व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए:
- मजबूत ग्रिड तंत्र: पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स, ग्रिड स्थिरता और एनर्जी स्टोरेज परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार एक स्थिर और मजबूत ग्रिड सिस्टम विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
- सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर: सरकारी कार्यालयों में रूफ टॉप सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के कार्य की भी समीक्षा की गई। इस पहल से राजकीय कार्यस्थलों पर बिजली की भारी बचत हो रही है।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
बैठक के दौरान ऊर्जा सचिव आरती डोगरा ने राज्य में ग्रिड की स्थिरता और सौर ऊर्जा परियोजनाओं के क्रियान्वयन सहित ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न तकनीकी व प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया।
इस उच्च स्तरीय बैठक में जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार, नगरीय विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता, और अक्षय ऊर्जा निगम के सीएमडी रोहित गुप्ता सहित ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।