एनडीसी प्रतिनिधिमंडल का ‘अंडरस्टैंडिंग इंडिया स्टडी टूर’: विकसित राजस्थान की संकल्पना पर हुआ गहन संवाद
| नरेश गुनानी
जयपुर, 2 फरवरी 2026 राजस्थान की सामाजिक-आर्थिक विकास यात्रा अब समावेशी प्रगति, सशक्त मानव संसाधन और नवाचार आधारित सुशासन के जरिए ‘विकसित भविष्य’ की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है। सोमवार को शासन सचिवालय में नेशनल डिफेन्स कॉलेज (NDC) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोजित बैठक में राज्य की इस प्रगतिशील तस्वीर को साझा किया गया।
‘अंडरस्टैंडिंग इंडिया स्टडी टूर’ के तहत आयोजित इस संवादात्मक बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने की। इस प्रतिनिधिमंडल में भारतीय थल सेना, वायु सेना, नौसेना और भारतीय राजस्व सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न देशों के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
विजन ‘विकसित राजस्थान@2047’ पर चर्चा
मुख्य सचिव ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे संवाद राज्य के प्रशासनिक अनुभवों और विकास मॉडल्स को वैश्विक और राष्ट्रीय मंच पर साझा करने का बेहतरीन अवसर हैं। बैठक में राज्य की आर्थिक प्रोफाइल से लेकर “विकसित राजस्थान@2047” की दीर्घकालिक विकास दृष्टि पर विस्तार से चर्चा की गई।
विभिन्न क्षेत्रों में राजस्थान की प्रगति: एक नजर
बैठक के दौरान राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के शीर्ष अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया:
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विभाग |
प्रमुख पहल और उपलब्धियां |
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उद्योग एवं निवेश |
औद्योगिक पार्क, निवेश प्रोत्साहन नीतियां और निर्यात संवर्धन के माध्यम से रोजगार सृजन। |
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ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा |
सौर और पवन ऊर्जा में अग्रणी भूमिका, पीएम-कुसुम और पीएम-सूर्य घर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन। |
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गृह एवं सुरक्षा |
आंतरिक सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण के लिए टास्क फोर्स, और सीसीटीवी निगरानी हेतु अभय कमांड सेंटर। |
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ग्रामीण विकास |
महिला सशक्तिकरण के लिए ‘लखपति दीदी’, ‘सोलर दीदी’ और ‘ड्रोन दीदी’ जैसे नवाचार। |
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य |
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, डिजिटल ओपीडी प्रबंधन और मेडिकल कॉलेजों का विस्तार। |
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शिक्षा एवं कौशल |
पीएम-श्री विद्यालय, स्मार्ट क्लासरूम, आईटीआई सुदृढ़ीकरण और युवाओं के लिए रोजगार मेलों का आयोजन। |
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तकनीकी सुशासन |
ई-गवर्नेंस, जन सूचना पोर्टल, राजनेट और ई-मित्र सेवाओं के माध्यम से शासन सुधार। |
प्रमुख अधिकारियों की भागीदारी
बैठक में प्रशासनिक तंत्र के स्तंभों ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई:
- शिखर अग्रवाल (एसीएस, उद्योग) ने औद्योगिक विकास पर प्रकाश डाला।
- संदीप वर्मा (एसीएस, कौशल एवं रोजगार) ने युवा केंद्रित योजनाओं की जानकारी दी।
- कुलदीप रांका (एसीएस, उच्च शिक्षा) ने बालिका शिक्षा और अधोसंरचना पर प्रस्तुति दी।
- श्रेया गुहा (एसीएस, ग्रामीण विकास) ने महिला आजीविका कार्यक्रमों पर जोर दिया।
- भास्कर आत्माराम सावंत (एसीएस, गृह) ने कानून-व्यवस्था और नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को स्पष्ट किया।
- अजिताभ शर्मा (एसीएस, ऊर्जा) ने राजस्थान की ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति साझा की।
इसके अतिरिक्त गायत्री ए. राठौड, टी. रविकान्त, भवानी सिंह देथा, देबाशीष पृष्टी, कृष्ण कुणाल, रवि कुमार सुरपुर और आनन्दी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वास्थ्य, खनन, महिला कल्याण, नगरीय विकास, स्कूल शिक्षा, आईटी और सहकारिता के क्षेत्रों में हो रहे बदलावों से प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया।
नवाचार और समावेशी विकास
बैठक के समापन पर यह निष्कर्ष निकला कि राजस्थान न केवल अपनी खनिज संपदा और ऊर्जा सुरक्षा में देश की मदद कर रहा है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन, छात्रवृत्ति और वंचित वर्गों के पुनर्वास जैसे कार्यों के माध्यम से एक मानवीय और समावेशी शासन का उदाहरण भी पेश कर रहा है।
