एनटीपीसी लारा का ‘फ्यूचर 40’ कार्यक्रम : ग्रामीण शिक्षा को नई दिशा, बच्चों के सपनों को नई उड़ान
लारा (छत्तीसगढ़), 12 सितम्बर। गणपत चौहान ब्यूरो चीफ़। छत्तीसगढ़ ,टेलीग्राफ टाइम्स ।
जहाँ शैक्षणिक संसाधन और अवसर सीमित होते हैं, वहाँ एक सशक्त पहल पूरे समाज को बदलने की क्षमता रखती है। एनटीपीसी लारा ने अपनी शिक्षा-केंद्रित सीएसआर पहल ‘फ्यूचर 40’ के माध्यम से ऐसा ही उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह कार्यक्रम न केवल विद्यार्थियों को शैक्षिक सहयोग दे रहा है, बल्कि उनके सपनों और आत्मविश्वास में भी नई ऊर्जा भर रहा है।
शिक्षा से सशक्तिकरण की ओर
‘फ्यूचर 40’ की शुरुआत एक साधारण स्वयंसेवी प्रयास के रूप में हुई थी। उद्देश्य था—आसपास के ग्रामीण और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले सरकारी स्कूलों के कक्षा 8 के छात्रों की सीखने की कमियों को दूर करना। धीरे-धीरे यह प्रयास शिक्षा और सशक्तिकरण के आंदोलन में बदल गया।
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह एनटीपीसी लारा के कर्मचारी स्वयंसेवकों द्वारा संचालित है। विभिन्न विभागों और पेशेवर पृष्ठभूमि से जुड़े कर्मचारी कार्य समय के बाद नि:शुल्क कक्षाएँ संचालित करते हैं। उनका लक्ष्य केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास और जीवन कौशल का विकास भी है।

वितरण समारोह : संसाधनों से सशक्तिकरण
छात्रों की शैक्षिक क्षमता और सपनों को मजबूती देने के लिए एनटीपीसी लारा ने आज एक विशेष वितरण समारोह का आयोजन किया। इसमें छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें और स्टडी लैंप प्रदान किए गए। यह केवल प्रतीकात्मक ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक पहल भी थी—ताकि विद्यार्थियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों और उनका समर्पण मान्यता पाए।
समारोह में कई वरिष्ठ अधिकारी एवं सामुदायिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें शामिल थे—
- रविशंकर, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएँ), एनटीपीसी लारा
- जॉयसूर्या रॉय, सहायक महाप्रबंधक (पी एंड एस)
- जाकिर खान, सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन)
- कल्पना प्रकाश तायडे, मुख्य महाप्रबंधक, एनटीपीसी लारा
- अभिलाष केएस, उप महाप्रबंधक (कानून/मानव संसाधन)
साथ ही कर्मचारी स्वयंसेवक, स्कूल शिक्षक, छात्र-छात्राएँ, अभिभावक और गाँवों के सरपंच भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रेरणा और बदलाव की गूंज
इस अवसर पर एनटीपीसी अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने अपने अनुभव साझा किए और छात्रों को निरंतर प्रयास व अनुशासन की राह पर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। एक स्वयंसेवी शिक्षक ने कहा—
“जब आपके पीछे शिक्षा की शक्ति हो, तो कोई भी सपना बड़ा नहीं होता।”
अभिभावकों और शिक्षकों ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने माना कि बच्चों में आत्मविश्वास, शैक्षणिक जिज्ञासा और अनुशासन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। गाँव के सरपंचों ने ग्रामीण शिक्षा को संवारने के लिए एनटीपीसी के सतत प्रयासों पर आभार व्यक्त किया।
भविष्य की राह
‘फ्यूचर 40’ का प्रभाव अब समुदाय में स्पष्ट दिखने लगा है। छात्र न केवल पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि नेतृत्व कौशल और सामाजिक भागीदारी में भी आगे बढ़ रहे हैं। कई बच्चे अब उच्च शिक्षा और सिविल सेवाओं की तैयारी का सपना देखने लगे हैं।
कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी का नया आयाम
यह पहल दर्शाती है कि कर्मचारी-नेतृत्व वाली स्वयंसेवा सामाजिक विकास का एक प्रभावी माध्यम बन सकती है। साथ ही यह भी साबित करती है कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम केवल बुनियादी ढाँचे तक सीमित न रहकर शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
‘फ्यूचर 40’ के माध्यम से एनटीपीसी लारा न केवल बेहतर छात्र तैयार कर रहा है, बल्कि आने वाले समय के भविष्य के नेताओं को भी गढ़ रहा है।