एक ही पल में उजड़ा परिवार: घर लौट रहे दो सगे भाइयों पर पलटा बजरी से भरा डंपर, दोनों की मौत
पुष्कर/अजमेर | 09 जनवरी, 2026
| हरि प्रसाद शर्मा
अजमेर के पीसांगन थाना क्षेत्र स्थित लेसवा गांव में गुरुवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। पुष्कर रोड पर रात करीब पौने नौ बजे बजरी से भरा एक अनियंत्रित डंपर बाइक पर पलट गया। इस दर्दनाक हादसे में बाइक सवार दो सगे भाइयों की मौत हो गई, जिससे एक ही परिवार के दो चिराग बुझ गए।
काम से लौटते समय हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोविंदगढ़ निवासी अभिषेक सेन (25) और उसका छोटा भाई आशिष सेन (22) पुष्कर में मिस्त्री और मजदूरी का काम करते थे। रोज की तरह अपना काम खत्म कर दोनों भाई बाइक से अपने गांव गोविंदगढ़ लौट रहे थे। जैसे ही वे लेसवा गांव के पास पहुंचे, सामने से आ रहा बजरी से भरा डंपर अचानक असंतुलित होकर उनकी बाइक पर पलट गया।
मौके पर ही तोड़ा दम
भारी डंपर के नीचे दबने से अभिषेक सेन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलते ही पीसांगन थानाधिकारी सरोज चौधरी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचीं। ग्रामीणों की मदद से दोनों को डंपर के नीचे से निकालकर पुष्कर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने अभिषेक को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल आशिष को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश
मृतक भाइयों के पिता कैलाश सेन और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस हादसे ने ग्रामीणों को आक्रोशित कर दिया और उन्होंने घटनास्थल पर ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों के गुस्से के मुख्य कारण इस प्रकार हैं:
- अवैध और तेज रफ्तार बजरी परिवहन: ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर बजरी से भरे भारी वाहन नियमों को ताक पर रखकर तेज रफ्तार में चलते हैं।
- प्रशासनिक अनदेखी: बार-बार शिकायतों के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण नहीं किया जा रहा है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।
पुलिस कार्रवाई और जांच
जानकारी के अनुसार, हादसे में शामिल डंपर का मालिक पुष्कर निवासी जय सांखला बताया जा रहा है। पीसांगन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब डंपर के दस्तावेजों, चालक की लापरवाही और बजरी परिवहन की वैधता की गहनता से पड़ताल कर रही है। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और इस मार्ग पर भारी वाहनों की गति सीमा निर्धारित करने की मांग की है।
अभिषेक और आशिष अपने परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा थे। उनकी असामयिक मृत्यु से गोविंदगढ़ गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।