“एक पेड़ माँ के नाम” — तीज व कारगिल विजय दिवस पर विशाल वृक्षारोपण अभियान
By : लोकेंद्र सिंह शेखावत
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 28,2025
जयपुर।
श्रावण मास की हरियाली से सराबोर वातावरण में, जब एक ओर तीज का उल्लास था और दूसरी ओर देशभक्ति से भरे कारगिल विजय दिवस की स्मृतियाँ, तब राजधानी जयपुर के खातीपुरा स्थित हनुमान नगर विस्तार के पवनपुत्र पार्क में एक विशेष पहल देखने को मिली — “एक पेड़ माँ के नाम”।
यह भावनात्मक और पर्यावरणीय संकल्प राजस्थान पत्रिका के “हरियाळो राजस्थान” अभियान के अंतर्गत आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम का हिस्सा था, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों से लोगों ने भागीदारी निभाई।
🌱 आयोजन की प्रेरणा: पर्यावरण के प्रति संकल्प
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक भवानी सिंह राठौड़, जो खातीपुरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष हैं, ने बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पर्यावरण संरक्षण के आह्वान से प्रेरित है।
इस अवसर पर “एक पेड़ माँ के नाम” संकल्प के तहत आम के ग्राफ्टेड पौधे लगाए गए। यह संकल्प केवल पौधे लगाने का नहीं, बल्कि उनकी सेवा, संरक्षण और संवर्धन का भी है।
👥 विशिष्ट अतिथि और गणमान्य जनों की उपस्थिति:
कार्यक्रम में शहर के वरिष्ठ नागरिक, प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं चिकित्सकों की गरिमामयी उपस्थिति रही:
- सुरेंद्र कुमार (रिटायर्ड IPS अधिकारी)
- रामकुमार चौधरी (रिटायर्ड कमिश्नर)
- नरेंद्र शर्मा (अध्यक्ष)
- श्रीराम तिवारी
- दुर्गा सिंह
- महिपाल सिंह शेखावत
- सुरेंद्र शर्मा
- श्रवण कुमार शर्मा
- श्याम सिंह चौहान
- जगदीश यादव
- पृथ्वी सिंह
- मूलचंद कायल
- अमीलाल मेहरिया
👩🌾 नारी शक्ति की भागीदारी:
पर्यावरण सेवा में महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। महिला मंडल की सदस्याओं ने पूरे समर्पण के साथ पौधारोपण में सहयोग किया:
- सरोज कंवर
- ईंदू कंवर
- किरण शर्मा
- शशि शर्मा
🌳 संवेदनशील संकल्प: “एक पेड़ माँ के नाम”
हर उपस्थित नागरिक ने हाथ में जल लेकर यह संकल्प लिया कि वे लगाए गए हर पौधे की नियमित सिंचाई, खाद और देखभाल करेंगे। यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि माँ के प्रति सम्मान और प्रकृति के प्रति प्रेम की जीवंत अभिव्यक्ति बन गई।
आभार एवं समापन:
कार्यक्रम के अंत में भवानी सिंह राठौड़ ने सभी सहभागियों का हृदय से आभार व्यक्त किया और पुनः सभी को संकल्प दिलवाया कि वे पौधों की देखरेख कर आने वाली पीढ़ियों को एक हरित व स्वच्छ वातावरण देंगे।