नरेश गुनानी
जयपुर, 13 मई 2026
राजस्थान सरकार के ‘पंच गौरव कार्यक्रम’ के तहत प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय समिति ने प्रदेश के पांच जिलों के लिए 18.19 करोड़ रुपये की लागत वाली पांच महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार के प्रतिस्पर्धी बनाना है।
सरकार ने कार्यों को गति देने के लिए प्रथम चरण में 10.76 करोड़ रुपये की राशि भी जारी कर दी है।
इन 5 जिलों में स्थापित होंगी विशेष सुविधाएं
उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्सेना के अनुसार, स्वीकृत परियोजनाओं के तहत कॉमन फैसिलिटी सेंटर, टेस्टिंग लैब और आधुनिक भंडारण केंद्र बनाए जाएंगे:
- दौसा (पत्थर उत्पाद): 3.30 करोड़ रुपये की लागत से टेक्नोलॉजी फैसिलिटेशन सेंटर बनेगा। यहाँ आधुनिक कटिंग, डिजाइन और फिनिशिंग पर काम होगा।
- चूरू (लकड़ी हस्तशिल्प): 2.5 करोड़ रुपये की लागत से BIS टेस्टिंग लैब और सीजनिंग सुविधा विकसित होगी, जिससे लकड़ी के उत्पादों की गुणवत्ता वैश्विक मानकों के अनुरूप हो सकेगी।
- डीडवाना-कुचामन (स्टोन प्रोसेसिंग): 5.05 करोड़ रुपये की लागत से CNC मशीन टेक्नोलॉजी सेंटर की स्थापना की जाएगी।
- फलोदी (सोनामुखी): 2.35 करोड़ रुपये की लागत से क्लाइमेट-कंट्रोल वेयरहाउस बनाया जाएगा, ताकि सोनामुखी की गुणवत्ता लंबे समय तक सुरक्षित रहे।
- बालोतरा (वस्त्र): 5 करोड़ रुपये की लागत से टेक्सटाइल डिजिटल प्रिंटिंग कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित होगा, जिससे कपड़ा उद्योग में आधुनिक तकनीक का समावेश होगा।
पिछले वर्ष की प्रगति: 6 जिलों में कार्य जारी
वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी 8 जिलों के लिए 6.07 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई थीं, जिनमें से कई कार्य प्रगति पर हैं:
- चित्तौड़गढ़: 2 करोड़ की लागत से मल्टी यूटिलिटी सेंटर।
- हनुमानगढ़: 1.5 करोड़ की लागत से रूरल हाट।
- झुंझनूं: 90 लाख रुपये से शिल्पग्राम का नवीनीकरण।
- राजसमंद: 95 लाख रुपये से प्रदर्शनी हॉल एवं डिस्प्ले सेंटर।
- दौसा एवं डीग: श्रमिकों के लिए सिलिकोसिस बचाव शिविर और सुरक्षा किट वितरण।
उद्यमियों के लिए आकर्षक अनुदान और सहायता
एक जिला एक उत्पाद नीति-2024 के तहत प्रदेश के सभी 41 जिलों के विशिष्ट उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सरकार भारी वित्तीय सहायता दे रही है:
- मार्जिन मनी: सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को 20 लाख रुपये तक का अनुदान।
- तकनीक एवं सॉफ्टवेयर: एडवांस्ड सॉफ्टवेयर के लिए 5 लाख रुपये तक की सहायता।
- प्रमाणन: क्वालिटी सर्टिफिकेशन और IPR पर 3 लाख रुपये तक का पुनर्भरण।
- मार्केटिंग: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस के लिए प्रतिवर्ष 1 लाख रुपये (2 साल तक) और कैटलॉगिंग के लिए 75 हजार रुपये की एकमुश्त मदद।