प्रीति बालानी/केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (AIIB) की वार्षिक बैठक के इतर सऊदी अरब, स्विट्जरलैंड, नेपाल और जॉर्डन के वित्त व योजना मंत्रियों के साथ अलग-अलग उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में द्विपक्षीय निवेश संधियों, बुनियादी ढांचा निवेश, सीमा पार डिजिटल भुगतान तथा आपदा राहत सहयोग सहित रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
भारत-सऊदी अरब द्विपक्षीय निवेश संधि को जल्द लागू करने पर सहमति
कतर यात्रा के पहले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सऊदी अरब के वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जदान से भेंट की। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) पर बातचीत के सफल समापन का स्वागत किया गया।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह संधि द्विपक्षीय निवेश के लिए एक मजबूत, पारदर्शी और भरोसेमंद रूपरेखा प्रदान करेगी, जिससे निवेशकों का विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा। सऊदी अरब के वित्त मंत्री ने संधि को शीघ्र लागू करने की उम्मीद जताते हुए भारत के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने में गहरी रुचि दिखाई।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सऊदी अरब भारत का एक भरोसेमंद और महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। उन्होंने रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और व्यापार सहित दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में जारी व्यापक सहयोग को रेखांकित किया।
स्विट्जरलैंड: NIIF और गिफ्ट सिटी में निवेश का आमंत्रण
वित्त मंत्री ने स्विट्जरलैंड से एआईआईबी के गवर्नर राजदूत पिएत्रो लाजेरी के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान सीतारमण ने राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष (NIIF) को भारत में अवसर तलाशने वाले विदेशी निवेशकों के लिए एक अत्यंत विश्वसनीय मंच बताया। उन्होंने स्विस निवेशकों को भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में अवसरों का लाभ उठाने के लिए एनआईआईएफ इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से जुड़ने का निमंत्रण दिया।
साथ ही, उन्होंने स्विट्जरलैंड की वित्तीय सेवा इकाइयों को गुजरात स्थित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र ‘गिफ्ट आईएफएससी’ (GIFT IFSC) में निवेश के अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।
राजदूत लाजेरी ने कहा कि भारत में स्विट्जरलैंड के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की वृद्धि दर वैश्विक एफडीआई की तुलना में काफी तेज है। उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित होने वाले आगामी दूसरे ईएफटीए (यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ) समृद्धि सम्मेलन का उल्लेख करते हुए द्विपक्षीय निवेश संरक्षण समझौते को अंतिम रूप देने और सस्टेनेबल फाइनेंस के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।
नेपाल: बाढ़ राहत-पुनर्निर्माण और UPI-NPI कनेक्टिविटी पर चर्चा
नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले के साथ हुई बैठक में हाल ही में आई भीषण बाढ़ के बाद नेपाल में पुनर्निर्माण और राहत कार्यों के प्राथमिक आकलन पर चर्चा की गई। वित्त मंत्री सीतारमण ने इस संकट की घड़ी में भारत की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया और कहा कि सहायता के स्वरूप को तय करने के लिए दोनों देशों की टीमें निरंतर संपर्क में रहेंगी।
बैठक में दोनों देशों के वित्तीय एकीकरण को गति देने के लिए भारत के यूपीआई (UPI) और नेपाल के एनपीआई (NPI) के बीच डिजिटल इंटरलिंकिंग को शीघ्र शुरू करने और उसके विस्तार पर सहमति बनी।
जॉर्डन: 2030 तक व्यापार 5 अरब डॉलर पहुंचाने का लक्ष्य
वित्त मंत्री ने जॉर्डन की योजना एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री जेना जैद तौकान के साथ भी द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न आयामों की समीक्षा की। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत जॉर्डन का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने के साझा लक्ष्य को हासिल करने के लिए व्यापारिक और आर्थिक भागीदारी को और अधिक मजबूत करने पर बल दिया।