मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में तृतीय समीक्षा बैठक संपन्न; ऋण पुनर्गठन, बैटरी एनर्जी स्टोरेज और ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
जयपुर, 13 जुलाई 2026/ नरेश गुनानी/ राज्य सरकार के ‘ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं अग्रणी राजस्थान’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में सोमवार को शासन सचिवालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई इस तृतीय समीक्षा बैठक में विद्युत वितरण निगमों (डिस्कॉम्स) की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ बनाने, ऊर्जा अवसंरचना के विस्तार और अक्षय ऊर्जा आधारित योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य में ऊर्जा क्षेत्र के विकास के साथ-साथ डिस्कॉम्स की वित्तीय मजबूती सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को वित्तीय अनुशासन बनाए रखने, आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने और अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य निर्णय और प्रगति रिपोर्ट
1. ऋण पुनर्गठन (Debt Restructuring) से अतिरिक्त वित्तीय मजबूती
मुख्य सचिव ने डिस्कॉम्स के ऋण पुनर्गठन की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि आरईसी (REC) और पीएफसी (PFC) से लिए गए उच्च ब्याज दर वाले ऋणों की री-प्राइसिंग (पुनः दर निर्धारण) से डिस्कॉम्स को प्रतिवर्ष उल्लेखनीय ब्याज बचत प्राप्त हो रही है। उन्होंने वित्तीय संस्थाओं के साथ प्रभावी समन्वय और वार्ता कर शेष उच्च ब्याज दर वाले ऋणों की भी शीघ्र री-प्राइसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि वित्तीय बोझ को और कम किया जा सके।
2. बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) से घटेगी महंगी बिजली पर निर्भरता
बैठक में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के पायलट प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की गई।
- तकनीकी महत्व: पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना एवं अन्य सौर ऊर्जा परियोजनाओं से उत्पादित अतिरिक्त बिजली के प्रभावी भंडारण के लिए यह तकनीक अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- उपभोक्ताओं को लाभ: इसके माध्यम से पीक आवर्स (अधिक मांग वाले समय) में महंगी बिजली खरीदने की आवश्यकता कम होगी, जिससे डिस्कॉम्स को भारी वार्षिक वित्तीय बचत होगी और इसका सीधा लाभ आम उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा।
- चिह्नित स्थान: जयपुर, अजमेर एवं जोधपुर डिस्कॉम के विभिन्न सर्किलों में इन परियोजनाओं के लिए स्थान चिह्नित किए जा चुके हैं। मुख्य सचिव ने इन्हें निर्धारित समय-सीमा में क्रियान्वित करने के निर्देश दिए हैं।
3. ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर (फेज-II) के कार्यों में तेजी
अक्षय ऊर्जा के सुगम ट्रांसमिशन को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-II के अंतर्गत हनुमानगढ़ एवं उदयपुर में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने इन परियोजनाओं को तय समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे राज्य का ट्रांसमिशन नेटवर्क और अधिक आधुनिक एवं सुदृढ़ बन सके।
4. पीएम सूर्य घर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार
योजना का लाभ अधिकाधिक लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए मुख्य सचिव ने एक प्रभावी सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके तहत व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि आमजन इस योजना के प्रति जागरूक हो सकें।
बैठक में उपस्थिति:
इस उच्च स्तरीय बैठक में ऊर्जा विभाग की सचिव एवं डिस्कॉम्स की अध्यक्ष आरती डोगरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जयपुर, अजमेर एवं जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक तथा आरईसी व पीएफसी के प्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे। वहीं, नई दिल्ली से रेजिडेंट कमिश्नर रोहित कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।