उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने परिवहन, उच्च शिक्षा एवं आयुष विभागों की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
22 अगस्त 2025, 05:11 PM | जयपुर लोकेंद्र सिंह शेखावत टेलीग्राफ टाइम्स
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने शुक्रवार को शासन सचिवालय में परिवहन, उच्च शिक्षा एवं आयुष विभाग के अधिकारियों की अलग-अलग बैठकें लेकर योजनाओं, बजट घोषणाओं की प्रगति और विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

परिवहन विभाग की समीक्षा
बैठक में डॉ. बैरवा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार परिवहन सेवाओं को सुरक्षित, सुलभ और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सख्त सड़क सुरक्षा उपाय लागू करने, नियम उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने और इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटा बेस, इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट तथा क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम के इंटीग्रेशन से सड़क हादसों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक्स के निर्माण कार्यों में तेजी लाने और बीकानेर स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग रिसर्च सेंटर की लंबित डीपीआर शीघ्र तैयार करने को कहा। साथ ही झुंझुनू, बाड़मेर और पाली में ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर्स की स्थापना हेतु प्राप्त आवेदनों का परीक्षण शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि लापरवाह राजकीय कार्मिक आमजन के कार्यों में बाधा उत्पन्न करते हैं, इसलिए लंबित जांच प्रकरणों का समय पर निस्तारण किया जाए।
अधिकारियों ने बताया कि एनएचएआई की एम्बुलेंस सेवाओं का राज्य की 108 आपातकालीन सेवाओं से एकीकरण पूरा हो चुका है। नई 25 एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस खरीदी गई हैं। सभी राजकीय स्वास्थ्य केन्द्रों और अस्पतालों की जीआईएस मैपिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 का प्रारूप प्रशासनिक स्वीकृति हेतु भेजा गया है। प्रदेश के 34 जिलों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
आयुष विभाग की समीक्षा
डॉ. बैरवा ने आयुर्वेद, योग व प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी (आयुष) विभाग की समीक्षा की। उन्होंने सभी आयुष औषधालयों एवं चिकित्सालयों में गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने आरोग्य मेला, शिविर, स्कूल हेल्थ कैंप, कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम और चिकित्सा शिविरों का नियमित आयोजन कर अधिक से अधिक लोगों को आयुष चिकित्सा सेवाओं से जोड़ने पर बल दिया। साथ ही पंचकर्म चिकित्सा, आंचल प्रसूता केन्द्र और अन्य विशिष्ट चिकित्सा सेवाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
प्रमुख शासन सचिव, आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति सुबीर कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में आयुर्वेद में 1 करोड़ 62 लाख 78 हजार 460, होम्योपैथी में 30 लाख 18 हजार 42, यूनानी में 9 लाख 84 हजार 593, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा में 2 लाख 12 हजार 868 सहित कुल 2.05 करोड़ रोगियों ने आयुष चिकित्सा सेवाओं का लाभ लिया।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा
डॉ. बैरवा ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्वीकृत नवीन पॉलिटेक्निक महाविद्यालय भवनों का निर्माण समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप फॉर अकेडमिक एक्सीलेंस योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को इसका लाभ मिले। वर्ष 2024-25 में इस योजना से 340 विद्यार्थियों को देश-विदेश में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा दिलवाई गई है।
उपमुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आर्थिक कारणों से कोई भी विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी शिक्षा में बालिकाओं को प्रोत्साहन देने हेतु 500 स्कूटी के क्रय एवं वितरण के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। 153 राजकीय महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम और 35 महाविद्यालयों में आईसीटी लैब्स हेतु निविदा प्रक्रियाधीन है। 21 राजकीय महाविद्यालयों के भवन निर्माण व मरम्मत कार्यों के लिए 29.34 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
सिरोही, भीलवाड़ा, राजसमंद और सवाई माधोपुर में नवीन कृषि महाविद्यालय खोलने हेतु प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
बैठक में परिवहन, आयुष और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।