उपभोक्ता हितों की रक्षा: कम वजन और नियमों के उल्लंघन पर 26 फर्मों के खिलाफ कार्रवाई, ₹2.78 लाख से अधिक का जुर्माना
| गौरव कोचर
जयपुर, 7 मार्च। उपभोक्ता मामले विभाग ने प्रदेश के उपभोक्ताओं को प्री-पैकेज्ड वस्तुओं में सही तौल सुनिश्चित करने के लिए शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। विभाग की टीमों ने मसाला, तेल, आटा, नमकीन, डेयरी क्रीम, दूध और चाय पत्ती जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुएं पैक करने वाली मैन्युफैक्चरर और पैकर फर्मों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 26 फर्मों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर 2,78,500 रुपये की शास्ति (जुर्माना) वसूली गई।

विधिक मापविज्ञान अधिनियम के तहत कार्रवाई
यह कार्रवाई ‘विधिक मापविज्ञान अधिनियम-2009’ और ‘डिब्बा बंद वस्तुएं नियम-2011’ के अंतर्गत की गई। निरीक्षण के दौरान कई फर्मों के पास सत्यापन प्रमाण पत्र और सत्यापित बाट-माप उपलब्ध नहीं मिले। इसके अतिरिक्त, पैकेजिंग पर अंकित ‘नेट कंटेंट’ (शुद्ध मात्रा) के संबंध में भी अनियमितताएं पाई गईं। नियमों की अवहेलना करने वाली इन सभी फर्मों को मौके पर ही नोटिस जारी किए गए।
उपभोक्ता अधिकारों का संरक्षण मुख्य उद्देश्य
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इन निरीक्षणों का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को उपभोक्ताओं के हित में सही माप-तौल के लिए प्रेरित करना है। किसी भी वस्तु या सेवा के लिए भुगतान करने पर उसकी शुद्धता, गुणवत्ता, मानक और सही मात्रा प्राप्त करना उपभोक्ता का कानूनी अधिकार है। इन अधिकारों के हनन को रोकने और उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है।
शिकायत के लिए हेल्पलाइन जारी
यदि किसी उपभोक्ता को वस्तु की मात्रा, गुणवत्ता या माप-तौल में कोई कमी लगती है, तो वे विभाग द्वारा जारी निम्नलिखित माध्यमों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
- राज्य उपभोक्ता हेल्पलाइन: 1800-180-6030 या 14435
- व्हाट्सएप नंबर: 72300-86030
उपभोक्ता हेल्पलाइन न केवल शिकायत दर्ज करती है, बल्कि उपभोक्ताओं को परामर्श और कानूनी मार्गदर्शन भी प्रदान करती है।
