उद्योग लगाना अब हुआ और भी आसान

उद्योग लगाना अब हुआ और भी आसान

प्लग एंड प्ले एवं फैक्ट्री शेड्स बने उद्यमियों की पहली पसंद — राजस्थान बनेगा पेट्रोकेमिकल्स और केमिकल्स क्षेत्र में अग्रणी राज्य
03 दिसंबर 2025 | जयपुर

| नरेश गुनानी

पचपदरा (बालोतरा) स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड के निकट विकसित किए जा रहे रीको के राजस्थान पेट्रो जोन (आरपीजेड) में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने को लेकर उद्यमियों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। प्रत्यक्ष आवंटन योजना के तहत प्रथम चरण में नियोजित भूखण्डों के आवंटन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

डाउनस्ट्रीम उद्योगों के लिए बढ़ती रुचि

राजस्थान पेट्रो जोन के बोरावास–कलावा स्थित औद्योगिक क्षेत्र में रिफाइनरी के सह-उत्पाद आधारित उद्योगों के लिए प्रत्यक्ष आवंटन योजना के अंतर्गत 16 निवेशकों को भूखण्ड आवंटित किए जा रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि प्रोपलीन, बेंजीन, टोल्यून और ब्यूटाडाइन जैसे डाउनस्ट्रीम उत्पादों पर आधारित उद्योगों में निवेशकों की रूचि तेजी से बढ़ रही है। इन उत्पादों का उपयोग आरपीजेड में लगने वाली औद्योगिक इकाइयों में कच्चे माल के रूप में होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावना है।

आरपीजेड में प्लग एंड प्ले फैक्ट्री शेड्स

पेट्रोकेमिकल और केमिकल क्षेत्र में तकनीकी योग्यता रखने वाले लेकिन पूंजी संसाधन सीमित उद्यमियों के लिए रीको प्लग एंड प्ले फैक्ट्री शेड्स विकसित कर रहा है। 1600 से 2700 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले ऐसे लगभग 8 फैक्ट्री शेड्स का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें उद्यमी कम लागत में शीघ्र उत्पादन प्रारंभ कर सकेंगे।

कम लागत वालों के लिए ‘रेडी-टू-मूव इन’ मॉड्यूल्स

कम लागत पर इकाई स्थापित करने के इच्छुक उद्यमियों के लिए रीको ने जयपुर के सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में राज्य का पहला फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स विकसित किया है। यहां ‘रेडी-टू-मूव इन’ मॉड्यूल्स उद्यमियों को तुरंत उत्पादन शुरू करने की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। प्रथम चरण में 7 उद्यमियों को मॉड्यूल आवंटन के लिए ऑफर लेटर जारी किए जा चुके हैं। इस कॉम्प्लेक्स में मुख्यतः गारमेंट और अपैरल सेक्टर की इकाइयां स्थापित होंगी, जिससे रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ेंगे।

कॉम्प्लेक्स में उपलब्ध सुविधाएं

इस फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स में प्रशासनिक कार्यालय, बैंक, प्रशिक्षण कक्ष, सभा कक्ष और कैंटीन जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। गारमेंट और अपैरल उद्योग के लिए 1236 से 1566 वर्गफीट के बिल्टअप मॉड्यूल्स 1 से 7 वर्ष की अवधि के लिए लाइसेंस फीस के आधार पर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इससे उद्योगपति बिना देरी के अपनी उत्पादन गतिविधियां शुरू कर सकते हैं।

राजस्थान सरकार और रीको की ये पहल राज्य को पेट्रोकेमिकल्स एवं केमिकल्स सेक्टर में एक अग्रणी औद्योगिक गंतव्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

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