उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए 354 करोड़ रुपए स्वीकृत: लोकसभा में रेल मंत्री ने दी जानकारी

नई दिल्ली / जयपुर / उदयपुर /नरेश गुनानी 

​केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न का उत्तर देते हुए बताया कि रेल मंत्रालय ने ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत राजस्थान के उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन को पुनर्विकास के लिए चिह्नित किया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 354 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।

​उदयपुर सिटी स्टेशन: मास्टर प्लान और अत्याधुनिक सुविधाएं

​उदयपुर सिटी स्टेशन के कायाकल्प के लिए तैयार की गई मास्टर योजना के तहत निम्नलिखित प्रमुख कार्य शामिल किए गए हैं:

  • नए स्टेशन भवन: मुख्य प्रवेश स्टेशन भवन (पश्चिम दिशा) और दूसरे प्रवेश स्टेशन भवन (पूर्व दिशा) का प्रावधान।
  • एयर कॉनकोर्स: यात्रियों की सुगमता के लिए 72 मीटर चौड़े विशाल एयर कॉनकोर्स (Air Concourse) का निर्माण।
  • कनेक्टिविटी व लिफ्ट: ऊपरी पैदल पार पुल (FOB) को दूसरे प्रवेश भवन से जोड़ने के लिए स्काईवॉक, पर्याप्त लिफ्ट और एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियाँ)।
  • अन्य सुविधाएं: परिचलन क्षेत्र (Circulating Area), पार्किंग क्षमता में विस्तार, नए प्लेटफॉर्म शेल्टर और प्लेटफॉर्म सतह में सुधार।

​रेल मंत्री ने बताया कि स्टेशन के मुख्य व दूसरे प्रवेश भवनों का ढांचागत (Structural) कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में प्लेटफॉर्म शेल्टर, एयर कॉनकोर्स, लिफ्ट और फिनिशिंग का कार्य प्रगति पर है, जिसे तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

​राजस्थान में ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ की स्थिति

​अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ स्टेशनों का चरणबद्ध विकास किया जा रहा है।

  • कुल स्टेशन: देशभर में 1,340 स्टेशनों को चिह्नित किया गया है, जिनमें से 85 स्टेशन राजस्थान में स्थित हैं।
  • पूरे हो चुके स्टेशन (18): बाड़मेर, बूंदी, दौसा, डीग, देशनोक, फतेहनगर, फतेहपुर शेखावाटी, गंगापुर सिटी, गोगामेड़ी, गोटन, गोविंदगढ़, जैसलमेर, खैरथल, माण्डल गढ़, मंडावर महुवा रोड, राजगढ़, सोजत रोड और सोमेसर।

​राजस्थान के प्रमुख स्टेशनों पर चल रहे पुनर्विकास कार्य

  1. जयपुर जंक्शन: दौसा छोर पर 6 मीटर चौड़ा पैदल पार पुल, द्वितीय प्रवेश द्वार की ओर बेसमेंट, मुख्य प्रवेश द्वार की ओर बेसमेंट तथा एयर कॉनकोर्स का संरचनात्मक कार्य पूरा। सीकर छोर पर 6 मीटर चौड़े पैदल पार पुल व स्टेशन भवन का कार्य प्रगति पर।
  2. गांधीनगर जयपुर: मुख्य व द्वितीय प्रवेश भवन, दो स्तरीय बेसमेंट, एयर कॉनकोर्स, प्लेटफॉर्म शेल्टर व री-सरफेसिंग का कार्य पूरा। फिनिशिंग का कार्य जारी।
  3. न्यू कोटा: मुख्य व पार्सल भवन, नए पैनल कक्ष, RPF भवन, प्लेटफॉर्म सं. 1 पर शेल्टर और एयर कॉनकोर्स का ढांचागत काम पूरा। लिफ्ट, एस्केलेटर और फिनिशिंग का काम शुरू।
  4. चूरू स्टेशन: नया स्टेशन भवन, बुकिंग कार्यालय, प्रतीक्षालय, रिटायरिंग रूम और प्लेटफॉर्म शेल्टर का काम पूरा। 12 मीटर चौड़े पैदल पार पुल और लिफ्ट का काम शुरू।
  5. डूंगरपुर स्टेशन: स्टेशन भवन, पार्किंग, परिचलन क्षेत्र और प्लेटफॉर्म सुविधाओं का कार्य पूर्ण। दिव्यांगजनों के लिए पैदल पार पुल का निर्माण कार्य जारी।

​ब्राउनफील्ड चुनौतियों के बावजूद गुणवत्ता पर निगरानी

​रेल मंत्री ने बताया कि चलती ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा के बीच रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास एक जटिल और तकनीकी प्रक्रिया (Brownfield Project) है। इसके लिए स्थानीय निकायों, विमानपत्तन प्राधिकरण, वन विभाग, दमकल विभाग जैसी कई एजेंसियों की अनुमतियों और यूटिलिटी शिफ्टिंग (पानी, सीवेज, ऑप्टिकल फाइबर लाइन आदि) की आवश्यकता होती है।

​परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय रेल परियोजना स्वीकृति एवं प्रबंधन (IRPSM) पोर्टल के माध्यम से डिजिटल और बहु-विषयक टीमों द्वारा निरंतर निगरानी की जा रही है।

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