उदयपुर विकास का बनेगा भव्य ब्लूप्रिंट: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिए देवास परियोजना में तेजी लाने के निर्देश

नरेश गुनानी 

उदयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उदयपुर के भविष्य की आवश्यकताओं और बढ़ती जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए शहर के विकास का एक व्यापक ब्लूप्रिंट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को उदयपुर के जिला परिषद सभागार में आयोजित जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं में दूरदर्शिता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

​30 किलोमीटर की परिधि में होगा सुनियोजित विकास

​मुख्यमंत्री ने उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) और नगर निगम को निर्देशित किया कि शहर के चारों ओर 25 से 30 किलोमीटर की परिधि में विकास की संभावनाओं को तलाशते हुए विशेष कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने कहा कि उदयपुर विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, इसलिए यहां का ट्रैफिक मैनेजमेंट, सड़क सुधार और बुनियादी सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। फतेहपुरा चौराहे पर एआई आधारित ट्रैफिक सिस्टम की सराहना करते हुए उन्होंने इसे शहर के अन्य प्रमुख चौराहों पर भी लागू करने को कहा।

​देवास परियोजना: झीलों की नगरी को मिलेगी जल संकट से मुक्ति

​बैठक में मुख्यमंत्री ने देवास परियोजना की समीक्षा करते हुए इसके कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:

  • ​देवास परियोजना के तीसरे और चौथे चरण का कार्य पूर्ण होते ही उदयपुर की झीलों में पानी की आवक बढ़ेगी।
  • ​पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार नए प्लांट लगाए जाएं।
  • ​मानसून से पहले सीवरेज, पाइपलाइन और सड़कों के मरम्मत कार्य अनिवार्य रूप से पूरे किए जाएं।

​स्वच्छता रैंकिंग और जनभागीदारी पर जोर

​मुख्यमंत्री ने उदयपुर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के लिए उच्चतम मापदंड अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ बनाने के लिए केवल सरकारी प्रयास काफी नहीं हैं, इसमें स्थानीय संस्थाओं, उद्योगपतियों और आम नागरिकों का सहयोग लिया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने रिंग रोड योजना को गति देने के भी निर्देश दिए।

​”लोकसेवक जनता के प्रति जवाबदेह”

​अधिकारियों को सख्त लहजे में हिदायत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसेवक सीधे तौर पर जनता के प्रति उत्तरदायी हैं। जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • ​किसी भी विकास योजना की प्लानिंग में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाए।
  • ​’ग्राम रथ यात्रा’ के दौरान उपखंड अधिकारी (SDM) और तहसीलदार अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर ग्रामीणों से संवाद करें।

​बैठक में मौजूद रहे प्रमुख जनप्रतिनिधि और अधिकारी

​बैठक में राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी, विधायक ताराचंद जैन, फूल सिंह मीणा, शांता देवी और प्रताप गमेती सहित जिला प्रभारी सचिव टी रविकांत, संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, आईजी गौरव श्रीवास्तव, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन मौजूद रहीं। सभी विभागों के उच्चाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र की प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की।

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