उदयपुर न्यूज़: उदयपुर में बोले पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया – “पंजाब भी चाहता था पाकिस्तान से पाई-पाई का हिसाब”
Reported By: महेश गुप्ता
Written By: गौरव कोचर
टेलीग्राफ टाइम्स
मई 13, 2025
उदयपुर, 13 मई – पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया सोमवार को अपने उदयपुर दौरे पर रहे, जहां उन्होंने सर्किट हाउस में जनसुनवाई की और बाद में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव, सीमावर्ती राज्यों की स्थिति और भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई पर विस्तार से चर्चा की।
सीमा से सटे राज्य पंजाब को उठानी पड़ती है सबसे ज्यादा कीमत
कटारिया ने बताया कि पंजाब पाकिस्तान की सीमा से सीधे जुड़ा हुआ राज्य है और इसकी करीब 533 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पाकिस्तान से लगती है। यही कारण है कि हर बार जब भारत-पाकिस्तान के बीच कोई तनाव या युद्ध जैसी स्थिति बनती है, तो पंजाब सबसे अधिक प्रभावित होता है। उन्होंने कहा, “कई स्थानों पर सीमापार के लोग आपस में संवाद करते हैं, ऐसे में तनाव का सीधा असर यहां की जनता पर पड़ता है।”
सेना को मिला पंजाब के लोगों का साथ
राज्यपाल ने बताया कि बीएसएफ और पंजाब पुलिस को सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का भरपूर सहयोग मिलता है। उन्होंने कहा, “लोगों का हौसला ऐसा है कि जब भी हालात खराब हुए, उन्होंने गांव खाली करने की जगह सेना के साथ रहने का निर्णय लिया।”
“पंजाब भी चाहता था पाकिस्तान से हिसाब”
गुलाब चंद कटारिया ने हालिया आतंकी घटनाओं, विशेषकर पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा कि पूरा देश पाकिस्तान से जवाब चाहता था, और पंजाब भी इससे अछूता नहीं था। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने इस हमले के बाद “ऑपरेशन सिंदूर” चलाया और पाकिस्तान को करारा जवाब दिया।
ड्रोन हमलों पर सख्त प्रतिक्रिया
राज्यपाल ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई पाकिस्तानी ड्रोन पंजाब की सीमा में दाखिल हुए, जिन्हें भारतीय सेना ने समय रहते नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ ड्रोन ज़मीन पर गिरे जरूर, लेकिन कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
सेना की कार्रवाई ने देशवासियों में भरा आत्मविश्वास
कटारिया ने भारतीय सेना की प्रशंसा करते हुए कहा, “इस बार सिर्फ थल सेना ही नहीं, वायुसेना ने भी जवाबी कार्रवाई की। इससे देशवासियों में यह विश्वास और मजबूत हुआ कि हम पूरी तरह से भारतीय सेना की सुरक्षा में सुरक्षित हैं।”
गुलाब चंद कटारिया की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत-पाक सीमा पर गतिविधियां फिर से सुर्खियों में हैं, और देशभर में राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी हुई है।

