उदयपुर/नरेश गुनानी/ उदयपुर जिले के झाड़ोल स्थित बीड़ा गांव में आयोजित ग्राम विकास चौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता से काम कर रही है। देश को समृद्ध बनाने का रास्ता गांव और खेत-खलिहानों से होकर गुजरता है, जिससे ‘विकसित भारत 2047’ का सपना साकार होगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी जा रही 6,000 रुपये की किसान सम्मान निधि में राज्य सरकार ने 3,000 रुपये अतिरिक्त जोड़ने का काम किया है। इसके साथ ही अब प्रदेश के किसानों को कुल 9,000 रुपये वार्षिक सम्मान निधि प्राप्त हो रही है।
कृषक कल्याण: बिजली, पानी और वित्तीय सहायता पर बड़ा जोर
चौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा कृषि और किसान कल्याण के क्षेत्र में किए गए कार्यों के आंकड़े प्रस्तुत किए:
- सम्मान निधि: प्रदेश में अब तक 76.18 लाख किसानों को 13,734 करोड़ रुपये की सम्मान निधि दी जा चुकी है।
- फसल और बोनस: गेहूं की खरीद पर 150 रुपये का बोनस दिया गया है। साथ ही, 1.8 लाख किसानों को 67 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण उपलब्ध कराया गया है।
- फसल बीमा व सोलर पंप: पीएम फसल बीमा योजना के तहत 2.19 करोड़ पॉलिसी बनाकर 9,534 करोड़ रुपये का क्लेम बांटा गया है। पीएम कुसुम योजना (घटक-बी) के तहत 67,408 सोलर पंप स्थापित किए जा चुके हैं।
- बिजली व सब्सिडी: राज्य में 2,31,000 से अधिक कृषि कनेक्शन जारी किए गए हैं और बिजली बिलों पर 59,571 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है।
- दिन में बिजली का लक्ष्य: ऊर्जा क्षेत्र के ठोस निर्णयों के कारण वर्तमान में 26 जिलों के किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। वर्ष 2027 तक सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
- पारंपरिक खेती को प्रोत्साहन: लघु एवं सीमांत किसानों को बैलों से खेती करने पर 30 हजार रुपये प्रतिवर्ष की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है।
मौके पर ही मिलीं सौगातें: तुरंत जारी हुए प्रशासनिक आदेश
ग्राम विकास चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्काल स्वीकृतियां सौंपीं:
- पेयजल और कुआं निर्माण: किसान गोपीलाल के आग्रह पर ग्राम बीड़ा में जीएसएलआर, ओपन वेल, पाइपलाइन और एफएचटीसी निर्माण के लिए 39 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर स्वीकृति पत्र सौंपा गया।
- डेयरी सेंटर: पशु सखी की मांग पर गांव में सरस डेयरी सेंटर खोलने की घोषणा कर हाथों-हाथ मंजूरी दी गई।
- खेल मैदान: युवा भगवती लाल गायरी के आग्रह पर गांव में खेल मैदान बनाने की घोषणा और उसकी प्रशासनिक स्वीकृति तुरंत जारी की गई।
युवाओं के लिए रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया
युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने सभी वादों को पूरा कर रही है:
- पेपरलीक पर कड़ा रुख: पेपरलीक पर लगाम कसने के लिए गठित एसआईटी (SIT) और एसओजी (SOG) माफियाओं के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है।
- सरकारी नौकरियां: अब तक 1 लाख 78 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। सरकार 4 लाख सरकारी नौकरियों के वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- स्वरोजगार: युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए स्वरोजगार की दिशा में भी हर संभव मदद दी जा रही है।
ग्रामीणों और नवनियुक्त युवाओं ने साझा किए अनुभव
संवाद के दौरान किसान गोपीलाल, रतन सिंह, प्रेमचंद, भैरूलाल गरासिया और कांता देवी ने प्राकृतिक खेती के अपने अनुभव साझा किए। वहीं, सरकारी नौकरी में चयनित युवा परिधि कंवर, भगवती लाल गायरी और देवी लाल गायरी ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया व समय पर नियुक्ति देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में उपस्थिति
इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, सांसद मन्नालाल रावत, विधायक प्रताप लाल भील, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।