ई-रिक्शा के बाद अब ऑटो और टैक्सी भी होंगे डिजिटल! जेवीएम ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) को सौंपा सुझाव-पत्र

जयपुर/ योगेश शर्मा/राजस्थान की राजधानी जयपुर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, आधुनिक, पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जयपुर व्यापार महासंघ (JVM) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नरेट में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) प्रदीप मोहन शर्मा से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान महासंघ ने शहर के यातायात प्रबंधन को गति देने के लिए एक विस्तृत सुझाव-पत्र सौंपा।

​ई-रिक्शा डिजिटल व्यवस्था की सराहना, ऑटो-टैक्सी के लिए भी उठी मांग

​प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर में ई-रिक्शाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म, जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग और ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रणाली से जोड़ने की पुलिस प्रशासन की अभिनव पहल की जमकर सराहना की।

​महासंघ ने सुझाव दिया कि ई-रिक्शा की तर्ज पर ही:

  • ​शहर में संचालित ऑटो-रिक्शा और टैक्सियों को भी डिजिटल प्रणाली से जोड़ा जाए।
  • ​सभी वाहनों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण, जीपीएस ट्रैकिंग और यूनिक आईडी (Unique ID) अनिवार्य की जाए, ताकि सार्वजनिक परिवहन अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बन सके।

​परकोटा क्षेत्र और अतिक्रमण मुक्त सड़कों पर विशेष जोर

​जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल एवं महामंत्री सुरेश सैनी ने परकोटा (चारदीवारी) क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए प्रमुख बिंदु रखे:

  • निर्धारित रूट व स्टॉप: ई-रिक्शा और ऑटो-रिक्शा के संचालन के लिए निश्चित मार्ग, पिक-अप स्टॉप और समयबद्ध व्यवस्था लागू हो।
  • अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई: सड़कों और फुटपाथों से स्थायी व अस्थायी अतिक्रमण हटाने के लिए नियमित अभियान चलाया जाए।
  • त्रिस्तरीय एसओपी (SOP): नगर निगम, जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) और पुलिस प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय के लिए एक संयुक्त कार्यप्रणाली (SOP) तैयार की जाए।

​पार्किंग समस्या का समाधान और आईटीएमएस (ITMS) का विस्तार

​व्यापारिक संगठनों ने बाजारों में पार्किंग और तकनीकी निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए निम्नलिखित मांगें रखीं:

  • भूमिगत पार्किंग की शुरुआत: बड़ी चौपड़ स्थित लगभग 1,500 वाहनों की क्षमता वाली भूमिगत पार्किंग को शीघ्र चालू किया जाए।
  • मल्टी-लेवल पार्किंग: शहर के अति-व्यस्त क्षेत्रों में नई मल्टी-लेवल पार्किंग विकसित की जाएं।
  • स्मार्ट सर्विलांस: प्रमुख बाजारों और पर्यटन स्थलों पर सीसीटीवी, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) और डिजिटल सिग्नलिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
  • नियमित मासिक बैठक: ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों, ट्रैफिक समन्वय बोर्ड (TCP) और व्यापारिक संगठनों के बीच समस्याओं के समयबद्ध समाधान हेतु हर माह समन्वय बैठक आयोजित हो।

​आगामी त्योहारी व पर्यटन सीजन के लिए विशेष तैयारी

​महासंघ ने आगामी पर्यटन और त्योहारी सीजन को देखते हुए बाजारों में लोडिंग-अनलोडिंग का समय निर्धारित करने, व्यापारियों के लिए डिजिटल शिकायत व हेल्प डेस्क स्थापित करने तथा अतिरिक्त यातायात पुलिस बल तैनात करने का सुझाव दिया।

​प्रशासन की प्रतिक्रिया

​अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) प्रदीप मोहन शर्मा ने सुझाव-पत्र के प्रत्येक बिंदु पर गंभीरतापूर्वक चर्चा करते हुए कहा:

“जयपुर व्यापार महासंघ द्वारा दिए गए सुझाव जनहित और शहर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में बेहद उपयोगी हैं। प्रशासन इन सुझावों का परीक्षण कर चरणबद्ध रूप से लागू करने का सकारात्मक प्रयास करेगा।”

 

​महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल ने विश्वास दिलाया कि जयपुर को देश का सबसे सुरक्षित और सुव्यवस्थित यातायात वाला शहर बनाने के लिए व्यापारिक समुदाय प्रशासन को हर संभव रचनात्मक सहयोग देता रहेगा।

​ये रहे उपस्थित

​इस अवसर पर जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल, महामंत्री सुरेश सैनी, राजेंद्र गुप्ता, गजानंद शर्मा, अमित जोशी, पंकज जोशी, कपिल जोशी, नीरज लुहाड़िया, मिन्तर सिंह राजावत और शाहिद गुडेज सहित अनेक पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।

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