नई दिल्ली/ टोंक/सवाई माधोपुर/नरेश गुनानी/केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राजस्थान के टोंक और सवाई माधोपुर जिलों में ई-नाम (e-NAM) प्लेटफॉर्म और नेफेड के ई-नीलामी पोर्टल ‘NAFEX.in’ के एकीकरण व प्रगति का ब्योरा प्रस्तुत किया।
संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, राजस्थान में राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) के जरिए किसानों को पारदर्शी ऑनलाइन व्यापार की सुविधा मिल रही है, वहीं ‘NAFEX.in’ पोर्टल के जरिए खरीदे गए स्टॉक की निष्पक्ष ई-नीलामी सुनिश्चित की जा रही है।
e-NAM और NAFEX.in के बीच अंतर स्पष्ट
केंद्रीय राज्य मंत्री ने संसद को बताया कि NAFEX.in भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (NAFED) द्वारा विकसित एक डिजिटल ई-नीलामी पोर्टल है।
- उपयोग: यह पोर्टल नेफेड द्वारा मूल्य समर्थन योजना (PSS) और मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) के तहत खरीदे गए स्टॉक की पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीक-संचालित ई-नीलामी की सुविधा प्रदान करता है।
- किसानों का पंजीकरण नहीं: यह पोर्टल केवल पहले से खरीदे गए सरकारी स्टॉक की ई-नीलामी के लिए तैयार किया गया है। इसमें किसानों के सीधे पंजीकरण या किसान से सीधी खरीद/नीलामी का कोई प्रावधान नहीं है।
राजस्थान के टोंक और सवाई माधोपुर में ई-नाम (e-NAM) की स्थिति
किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक व्यापार मंच राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) उपलब्ध कराया गया है।
अप्रैल 2016 में इसकी शुरुआत से लेकर 30 जून 2026 तक के आंकड़े निम्नलिखित हैं:
- एकीकृत मंडियां: टोंक और सवाई माधोपुर जिलों की कुल 9 मंडियों को ई-नाम प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा चुका है।
- पंजीकृत किसान: इन दोनों जिलों के कुल 2.08 लाख किसानों का पंजीकरण ई-नाम प्लेटफॉर्म पर किया गया है।
- व्यापार का आकार: 30 जून 2026 तक इन 9 मंडियों के माध्यम से 18,50,981 मीट्रिक टन कृषि उपज का व्यापार दर्ज किया गया।
- व्यापार मूल्य: ई-नाम प्लेटफॉर्म के जरिए इन जिलों में कुल 8,839.71 करोड़ रुपये का संचयी व्यापार मूल्य (Cumulative Trade Value) दर्ज किया गया है।