प्रीति बलानी
जयपुर/टोंक, 11 अप्रैल: सवाई माधोपुर और दौसा जिलों की प्यास बुझाने वाली अति-महत्वकांक्षी ईसरदा बांध परियोजना अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को परियोजना स्थल का दौरा किया और स्पष्ट निर्देश दिए कि बांध का निर्माण कार्य इस वर्ष जुलाई तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए।
राम जल सेतु लिंक परियोजना का अहम हिस्सा
मुख्य सचिव ने कहा कि 1,038.65 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना राम जल सेतु लिंक परियोजना का एक महत्वपूर्ण घटक है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए संकल्पबद्ध है। इस बांध के तैयार होने से न केवल पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि टोंक जिले के गिरते भूजल स्तर में भी सुधार होगा।

लाखों की आबादी को मिलेगा सीधा लाभ
परियोजना के प्रथम चरण के पूरा होने पर 256 मीटर के जल स्तर तक कुल 3.24 टीएमसी पानी का संग्रहण हो सकेगा। इससे:
- दौसा जिला: 1,079 गाँव और 5 शहरों को पेयजल मिलेगा।
- सवाई माधोपुर जिला: 177 गाँव और 1 शहर लाभान्वित होंगे।
- कुल मिलाकर लगभग 35.13 लाख की आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
द्वितीय चरण के पूर्ण होने पर बांध की कुल भंडारण क्षमता बढ़कर 10.77 टीएमसी हो जाएगी।
गुणवत्ता और तकनीकी मानकों पर जोर
मुख्य सचिव ने मौके पर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:
- लिफ्ट, इनटेक वेल, पम्प सिस्टम और पानी के डिजिटल प्रबंधन के लिए स्काडा (SCADA) सिस्टम का कार्य समय पर पूरा करें।
- इन्स्पेक्शन टनल और गेटों की ऊंचाई बढ़ाने जैसे कार्यों में तेजी लाएं।
- इंजीनियर और फील्ड स्टाफ पूरी निष्ठा के साथ काम करें, क्योंकि यह परियोजना जनसेवा का बड़ा माध्यम है।
जिला प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक
दौरे के दौरान मुख्य सचिव ने सवाई माधोपुर जिला कलेक्टर काना राम, टोंक जिला कलेक्टर टीना डाबी और पुलिस अधीक्षकों के साथ विश्राम गृह में उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश देते हुए कहा कि वे स्वयं जून माह में पुनः कार्य का निरीक्षण करेंगे।
इसके पश्चात, टोंक सर्किट हाउस में उन्होंने जिला अधिकारियों के साथ राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और जिले की कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
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विवरण |
आंकड़े/जानकारी |
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कुल लागत |
1,038.65 करोड़ रुपये |
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प्रथम चरण लक्ष्य |
जुलाई 2026 तक पूर्ण करना |
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लाभान्वित गाँव |
1,256 (सवाई माधोपुर और दौसा) |
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भंडारण क्षमता |
3.24 टीएमसी (प्रथम चरण), 10.77 टीएमसी (द्वितीय चरण) |
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मुख्य तकनीक |
स्काडा सिस्टम (डिजिटल वाटर मैनेजमेंट) |