नई दिल्ली/प्रीति बालानी/पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस के पावन अवसर पर मनाए जाने वाले पर्व ‘ईद-ए-मिलाद-उन-नबी’ के मौके पर देशभर में शांति, सद्भाव और उल्लास का माहौल है। इस शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कई केंद्रीय मंत्रियों और भारतीय सेना ने देशवासियों को हार्दिक मुबारकबाद दी। सभी नेताओं ने इस पर्व को समाज में आपसी भाईचारे, दया, करुणा और एकता को बढ़ावा देने वाला अवसर बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया शांति और एकता का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा कर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने लिखा:
”ईद मुबारक! मिलाद-उन-नबी का यह पावन अवसर हमारे समाज में एकता, शांति और खुशहाली को और सुदृढ़ करे। दया, करुणा और समाज सेवा की भावना हमेशा हम सभी का मार्गदर्शन करती रहे।”
केंद्रीय मंत्रियों व प्रमुख नेताओं ने भी दी शुभकामनाएं
- राजनाथ सिंह (रक्षा मंत्री): उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि मिलाद-उन-नबी का यह पावन अवसर सभी नागरिकों के जीवन में शांति और समृद्धि लेकर आए तथा समाज में आपसी सद्भाव और भाईचारे की जड़ें और मजबूत हों।
- शिवराज सिंह चौहान (केंद्रीय कृषि मंत्री): उन्होंने देशवासियों को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की शुभकामनाएं देते हुए प्रार्थना की कि यह पर्व हर परिवार के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली का संचार करे।
- रामदास आठवले (केंद्रीय राज्य मंत्री): उन्होंने कहा कि यह पवित्र अवसर समाज में सौहार्द और एकता को बढ़ावा दे तथा समाज के वंचित वर्ग के प्रति सेवा और करुणा का भाव जागृत करे।
- पंकज चौधरी (उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व केंद्रीय राज्य मंत्री): उन्होंने समस्त देशवासियों को दिली मुबारकबाद देते हुए समाज में प्रेम, सद्भाव और आपसी भाईचारे के और प्रगाढ़ होने की कामना की।
भारतीय सेना ने भी प्रेषित की बधाई
देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात भारतीय सेना की ओर से भी इस अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी गईं। आधिकारिक संदेश में कहा गया कि सेना अध्यक्ष जनरल धीरज सेठ और भारतीय सेना के सभी रैंक के जवानों व अधिकारियों की ओर से समस्त नागरिकों को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की दिली मुबारकबाद।
भाईचारे और करुणा का पर्व
ईद-ए-मिलाद-उन-नबी इस्लामिक कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-उल-अव्वल की 12वीं तारीख को मनाया जाता है। यह दिन पैगंबर मोहम्मद साहब की शिक्षाओं—विशेषकर दया, प्रेम, सत्य और मानवता की सेवा—को आत्मसात करने और समाज में शांति व भाईचारे के प्रसार के संकल्प का प्रतीक है। देश के विभिन्न हिस्सों में इस अवसर पर जुलूस, प्रार्थना सभाएं और समाज सेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।