ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: 1 MVA तक की उत्पादन इकाइयों को विद्युत निरीक्षण से मुक्ति, अब उपभोक्ता खुद कर सकेंगे सर्टिफाई

नरेश गुनानी 

जयपुर, 24 अप्रैल 2026

​राजस्थान सरकार ने राज्य में निवेश और व्यापार को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए विद्युत कनेक्शनों और उत्पादन इकाइयों की सुरक्षा जांच प्रक्रिया को सरल कर दिया है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने के लिए ऊर्जा विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत अब छोटे प्लांट और सामान्य वोल्टेज कनेक्शनों के लिए सरकारी निरीक्षण की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है।

​स्व-प्रमाणीकरण (Self-Certification) की नई व्यवस्था

​केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सुरक्षा एवं विद्युत आपूर्ति से संबंधित उपाय) विनियम 2023 के तहत किए गए इन बदलावों के अनुसार:

  • उत्पादन इकाइयाँ: अब 1 MVA (मेगा वोल्ट एम्पीयर) क्षमता तक की सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय स्रोतों वाली उत्पादन इकाइयों को विद्युत निरीक्षक से प्रमाणन कराने की जरूरत नहीं होगी।
  • 33 KV तक के कनेक्शन: 33 KV वोल्टेज तक के विद्युत कनेक्शनों के लिए उपभोक्ता या परिसर का मालिक खुद प्रमाणित कर सकेगा कि उसका प्लांट और फिटिंग सुरक्षा मानकों के अनुरूप है।
  • विकल्प खुला: यदि उपभोक्ता स्वयं प्रमाणीकरण नहीं करना चाहता, तो उसके पास अभी भी विभागीय पोर्टल के माध्यम से सरकारी विद्युत निरीक्षक से जांच कराने का विकल्प मौजूद रहेगा।

​पोर्टल पर अपलोड करना होगा प्रमाण पत्र

​अधिसूचना के अनुसार, विद्युत निगम या आपूर्तिकर्ता किसी भी संस्थान को तब तक बिजली कनेक्शन जारी नहीं करेगा, जब तक कि उपभोक्ता द्वारा स्व-प्रमाणीकरण (Self-Certification) या विद्युत निरीक्षक का प्रमाण पत्र विभागीय पोर्टल पर अपलोड नहीं कर दिया जाता। पोर्टल के माध्यम से होने वाली यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी।

​कहाँ अनिवार्य होगा सरकारी निरीक्षण?

​सुरक्षा के लिहाज से सरकार ने कुछ क्षेत्रों में विद्युत निरीक्षक (Electrical Inspector) की जांच को अनिवार्य रखा है:

  1. बड़ी इकाइयाँ: 1 MVA से अधिक क्षमता वाली उत्पादन इकाइयों के लिए सरकारी प्रमाणीकरण जरूरी होगा।
  2. हाई वोल्टेज: 33 KV से अधिक क्षमता वाले सभी कनेक्शनों की जांच विभाग द्वारा ही की जाएगी।
  3. सार्वजनिक सुरक्षा स्थल: 15 मीटर से अधिक ऊँची बहुमंजिला इमारतें, बेसमेंट, सिनेमा हॉल, अस्पताल, मॉल, थिएटर, बड़े सार्वजनिक सभा स्थल और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा की दृष्टि से निरीक्षण का अधिकार केवल विद्युत निरीक्षक के पास होगा।

​दफ्तरों के चक्करों से मिलेगी मुक्ति

​राज्य सरकार के इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य आम उपभोक्ताओं और छोटे उद्यमियों को कार्यालयों के चक्कर काटने से बचाना है। नई व्यवस्था से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में छोटे प्रोजेक्ट्स को लगाने में तेजी आएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जहाँ सामान्य उपभोक्ताओं को राहत दी गई है, वहीं सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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