जयपुर, 23 जून/ लोकेंद्र सिंह शेखावत/रोजगार गारंटी योजना (ईजीएस) आयुक्त पुष्पा सत्यानी ने मंगलवार को राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) के कॉल सेंटर का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ईजीएस विभाग से संबंधित आमजन की शिकायतों (परिवादों) और मांगों के निस्तारण की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की। आयुक्त ने स्वयं कॉल सेंटर की सीट पर बैठकर विभिन्न जिलों के परिवादियों से दूरभाष (फोन) पर सीधा संवाद किया और उनसे फीडबैक लिया।
ईजीएस विभाग का शानदार ट्रैकर रिकॉर्ड: 96% शिकायतों का हुआ निस्तारण
निरीक्षण के बाद आंकड़े साझा करते हुए आयुक्त पुष्पा सत्यानी ने बताया कि राजस्थान संपर्क पोर्टल ईजीएस विभाग के लिए बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। विभाग की प्रगति रिपोर्ट इस प्रकार है:
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विवरण |
आंकड़े / स्थिति |
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कुल प्राप्त परिवाद |
71,964 |
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सफलतापूर्वक निस्तारित परिवाद |
69,164 (लगभग 96 प्रतिशत) |
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औसत निस्तारण समय |
मात्र 14 कार्यदिवस |
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आमजन की संतुष्टि दर |
72.88 प्रतिशत |
परिवादियों ने आयुक्त को सुनाया संतोष, बोले- ‘जल्दी मिला जॉब कार्ड’
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने जब खुद फोन मिलाकर जनता से बात की, तो कई जिलों से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं:
- भीलवाड़ा के पिंटू, बांसवाड़ा के महिपाल और कोटा की सुनीता: इन तीनों परिवादियों ने आयुक्त को फोन पर बताया कि उनका जॉब कार्ड नहीं बन पा रहा था। उन्होंने राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई और महज कुछ ही दिनों के भीतर प्रशासन ने उनकी समस्या का स्थायी समाधान कर नया जॉब कार्ड जारी कर दिया।
- सवाई माधोपुर के कांजी मीणा और झालावाड़ के धर्मराज: इन्होंने भी अपनी परिवेदनाओं के समयबद्ध और त्वरित समाधान पर गहरा संतोष व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की इस डिजिटल प्रणाली की सराहना की।
आयुक्त ने इन फीडबैक के बाद मौके पर मौजूद आईटी और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर आने वाले हर एक परिवाद को प्राथमिकता सूची में रखा जाए। निस्तारण केवल कागजों में न होकर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध होना चाहिए, ताकि आमजन का भरोसा सरकारी सेवाओं पर और अधिक मजबूत हो सके।
वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी मॉनिटरिंग
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विशेष निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए यह अनूठी व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत विभिन्न विभागों के सचिव और उच्चाधिकारी निर्धारित तिथियों पर स्वयं राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) के कंट्रोल रूम में बैठते हैं। इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि प्रदेश के नागरिकों को अपनी शिकायत के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं और वे घर बैठे ही राहत पा रहे हैं।