ईको पीएचसीसी 2डी ईकोकार्डियोग्राफी कार्यशाला: जयपुर में 24 मई को जुटे देश के विख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ, जटिल हृदय रोगों के निदान पर होगा मंथन

योगेश शर्मा 

जयपुर।

हृदय रोगों के सटीक निदान और आधुनिक उपचार तकनीकों को साझा करने के उद्देश्य से गुलाबी नगरी जयपुर में एक बेहद महत्वपूर्ण चिकित्सा कार्यशाला का आयोजन होने जा रहा है। अकादमी ऑफ ईकोकार्डियोग्राफी (जयपुर ब्रांच) एवं प्रियंका हॉस्पिटल एंड कार्डियक सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 24 मई को एक दिवसीय ‘ईको पीएचसीसी 2डी ईकोकार्डियोग्राफी कार्यशाला’ का आयोजन किया जाएगा। प्रियंका हॉस्पिटल परिसर में होने वाले इस गरिमामय आयोजन में चिकित्सा जगत के कई बड़े नाम शामिल होंगे।

​प्रदेश में अपनी तरह का पहला अनूठा आयोजन

​कार्यशाला के आयोजक सचिव डॉ. अशोक गर्ग ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि यह राजस्थान में अपनी तरह की एक अनूठी और विशेष कार्यशाला है। आमतौर पर कार्डियोलॉजी से जुड़े कार्यक्रमों में केवल इसी क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होते हैं, लेकिन इस बार कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ), फिजिशियन, शिशु रोग विशेषज्ञ (पीडियाट्रिशियन) एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ (गाइनेकोलॉजिस्ट) एक साझा मंच पर जुट रहे हैं। ये सभी विशेषज्ञ मिलकर मानव जीवन के विभिन्न चरणों में होने वाले हृदय रोगों के निदान और उपचार में ‘2डी ईकोकार्डियोग्राफी’ की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से मंथन करेंगे।

​गर्भावस्था में हृदय रोग और उच्च रक्तचाप पर विशेष सत्र

​बदलते दौर में महिलाओं और गर्भस्थ शिशुओं में हृदय संबंधी जटिलताएं एक बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। कार्यक्रम की मॉडरेटर डॉ. आशा शर्मा ने बताया कि कार्यशाला के दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञों के लिए एक विशेष सत्र समर्पित रहेगा। इस सत्र में मुख्य रूप से गर्भावस्था के दौरान होने वाले उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) और अन्य गंभीर हृदय रोगों के शुरुआती लक्षणों की पहचान, उनके सटीक निदान और सुरक्षित उपचार प्रक्रियाओं पर देश के अग्रणी डॉक्टरों द्वारा व्यावहारिक चर्चा की जाएगी।

​दिल्ली के विख्यात विशेषज्ञ देंगे विशेष व्याख्यान

​इस एक दिवसीय कार्यशाला को अकादमिक और तकनीकी रूप से समृद्ध बनाने के लिए देश के शीर्ष विशेषज्ञ जयपुर पहुंच रहे हैं। प्रियंका हॉस्पिटल परिसर में आयोजित होने वाले मुख्य सत्रों में दिल्ली के विख्यात और वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि कासलीवाल एवं डॉ. राकेश गुप्ता मौजूद रहेंगे। ये दोनों विशेषज्ञ हृदय रोगों की आधुनिकतम डायग्नोस्टिक तकनीकों और ईकोकार्डियोग्राफी के व्यावहारिक उपयोग पर अपने विशेष व्याख्यान (की-नोट एड्रेस) देंगे, जो युवा चिकित्सकों के लिए बेहद मार्गदर्शक साबित होंगे।

​देशभर से जुटेंगे 250 से अधिक चिकित्सक

​कार्यक्रम की तैयारियों और इसकी महत्ता पर प्रकाश डालते हुए आयोजन अध्यक्ष डॉ. जी. एल. शर्मा ने बताया कि इस कार्यशाला को लेकर देश के चिकित्सा जगत में भारी उत्साह है। आयोजन में राजस्थान के विभिन्न जिलों के अलावा देश के अन्य राज्यों से भी करीब 250 विशेषज्ञ चिकित्सक हिस्सा लेने जयपुर आ रहे हैं।

​”यह कार्यशाला न केवल राजस्थान के चिकित्सकों की कार्यकुशलता और ज्ञान को अपग्रेड करने का काम करेगी, बल्कि आने वाले समय में प्रदेश के हृदय रोगियों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। ईकोकार्डियोग्राफी के बेहतर इस्तेमाल से शुरुआती दौर में ही दिल की बीमारियों को पकड़कर मरीजों को नया जीवन दिया जा सकता है।”

डॉ. जी. एल. शर्मा, आयोजन अध्यक्ष

 

​इस कार्यशाला के माध्यम से राजस्थान में कार्डियक केयर और डायग्नोस्टिक्स के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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